कल्पना मिश्रा मौत मामले में उबाल,13वें दिन अनशनकारियों का जल सत्याग्रह,बीहर नदी में उतरकर सरकार को घेरा

रेवा : कल्पना के हत्यारों पर FIR हो’ और ‘स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो’ के नारों से गूंजा नदी तट,बोले कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और होगा उग्र! संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका कल्पना मिश्रा के परिजनों द्वारा दोषी चिकित्सकों पर एफआईआर और न्याय की मांग को लेकर चलाया जा रहा आमरण अनशन सोमवार को 13वें दिन भी जारी रहा। शासन-प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट अनशनकारियों ने अब बीहर नदी में उतरकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। जल सत्याग्रह के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बीहर नदी का तट ‘कल्पना के हत्यारों पर FIR हो’ और ‘स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो’ जैसे नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक हुई कार्रवाई जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

FIR के बिना आंदोलन खत्म नहीं करने का ऐलान
अनशनकारियों का कहना है कि जच्चा-बच्चा की मौत जैसे गंभीर मामले में केवल विभागीय कार्रवाई से न्याय नहीं मिलेगा। जिन चिकित्सकों और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं,उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
13 दिन से अनशन,अब जल सत्याग्रह से बढ़ा दबाव
मृतका के पिता द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन 13वें दिन में पहुंच चुका है। लगातार अनशन के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब आंदोलनकारियों ने जल सत्याग्रह का रास्ता अपनाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ कल्पना मिश्रा के परिवार का मामला नहीं, बल्कि अस्पतालों में जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।
जल सत्याग्रह के जरिए प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया और चेतावनी दी कि यदि एफआईआर सहित उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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