10.50 किमी जर्जर सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, साहू वैश्य महासभा ने कमिश्नर से मांगा हिसाब

रीवा - बड़ी खुर्द-बगौहा टोला से गजरी तक सड़क बदहाल, बस सेवा बंद और दुर्घटनाओं का दावा,रामपुर नैकिन वाले हिस्से की स्वीकृति अब भी अटकी! एक हिस्से में डामरीकरण शुरू,दूसरे हिस्से के ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन? 14 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने पर ग्रामीण! बड़ी खुर्द (बगौहा टोला) से गजरी तक करीब 10.50 किलोमीटर सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के लिए बड़ा मुद्दा बन गई है। सड़क की दुर्दशा को लेकर अखिल भारतीय साहू वैश्य महासभा ने संभागीय कमिश्नर,रीवा के समक्ष मोर्चा खोलते हुए तत्काल सड़क सुधार और डामरीकरण की स्वीकृति दिलाने की मांग की है!महासभा की प्रदेश महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती लीना साहू द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2024 से सड़क जर्जर हालत में है,लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि आवागमन प्रभावित हो गया है। ज्ञापन में बस सेवा बंद होने और लगातार दुर्घटनाएं होने का भी दावा किया गया है।सबसे गंभीर स्थिति उन परिवारों की बताई गई है, जिन्हें इलाज,शिक्षा और रोजमर्रा के काम के लिए इसी मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। स्कूली बच्चों,गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी होने का हवाला देते हुए महासभा ने इसे जनसुविधा और महिला-बाल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

सड़क एक,व्यवस्था दो—एक हिस्से में काम,दूसरे में स्वीकृति का इंतजार

ज्ञापन के अनुसार करीब 10.50 किलोमीटर सड़क का हिस्सा धौहनी विधानसभा क्षेत्र के मझौली तहसील और दूसरा हिस्सा चुरहट विधानसभा क्षेत्र के रामपुर नैकिन तहसील में आता है। महासभा का दावा है कि मझौली तहसील वाले हिस्से में डामरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है, जबकि रामपुर नैकिन क्षेत्र के हिस्से को अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।यही स्थिति अब बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कि जब सड़क का एक हिस्सा निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है,तो दूसरे हिस्से के

ग्रामीणों को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा?

सांसद-विधायक से लेकर अधिकारियों तक गुहार, फिर भी समाधान नहीं महासभा ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि सड़क की समस्या को लेकर सांसद, विधायक,प्रभारी मंत्री और MPRRDA अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया। इसके बावजूद ग्रामीणों को ठोस कार्रवाई के बजाय आश्वासन ही मिलते रहे। ग्रामीणों का आंदोलन इस बात का संकेत है कि अब महज आश्वासन से मामला शांत होने वाला नहीं है।सड़क निर्माण की मांग को लेकर 14 सितंबर 2026 से बगौहा टोला में श्री प्रमोद साहू के घर के पास सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि धरने की सूचना कलेक्टर कार्यालय, सीधी में जनसुनवाई आवेदन क्रमांक 0804, दिनांक 1 सितंबर 2026 के माध्यम से दी जा चुकी है।

कमिश्नर से सीधा सवाल—कब बनेगी सड़क?

महासभा ने संभागीय कमिश्नर से मांग की है कि जनहित, आवागमन और महिला-बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क को तत्काल चलने योग्य बनाया जाए तथा रामपुर नैकिन तहसील क्षेत्र में डामरीकरण के लिए शीघ्र स्वीकृति दिलाई जाए।
अब देखना यह है कि वर्षों से जर्जर बताई जा रही इस सड़क को लेकर प्रशासन धरने और ज्ञापन के बाद क्या ठोस कार्रवाई करता है, या ग्रामीणों का आंदोलन भी सरकारी आश्वासनों की फाइलों में दबकर रह जाएगा।

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी

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