स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी होने का आरोप,ट्रैक्टर से जुताई का वीडियो वायरल
रीवा - जिले की सेमरिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बधरा में आम रास्ते की भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नायब तहसीलदार न्यायालय से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित भूमि पर निर्माण कार्य किए जाने और ट्रैक्टर से जुताई करने के आरोप सामने आए हैं। जुताई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब न्यायालय ने विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, तो कथित तौर पर निर्माण और जुताई कैसे हो रही है? मामला खसरा नंबर 1568/2 की भूमि से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार,विवादित हिस्से की लंबाई करीब 330 फीट और चौड़ाई 12 फीट है, जिसे आम रास्ता बताया जा रहा है। इस मामले में उपेन्द्रनाथ द्विवेदी सहित अन्य ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार न्यायालय में शिकायत प्रस्तुत की थी।शिकायत में इन्दारमण पाण्डेय और कमलेश पाण्डेय को अनावेदक बनाया गया है।
न्यायालय ने दिए थे यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश नायब तहसीलदार न्यायालय ने मामले में आवेदन,
खसरा और नक्शे का अवलोकन करने के बाद पटवारी प्रतिवेदन आने तक संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही थाना प्रभारी सेमरिया को मौके पर कथित अतिक्रमण का कार्य रुकवाने और हल्का पटवारी बधरा को स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार करने तथा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
शिकायत पर पहुंची डायल 112, फिर भी नहीं बदली स्थिति?
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कार्य जारी है। इसी भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई किए जाने का वीडियो वायरल होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों की शिकायत पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इसके बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। हालांकि,निर्माण कार्य और जुताई की वास्तविक स्थिति तथा न्यायालय के आदेश के उल्लंघन की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच और मौके की रिपोर्ट से ही हो सकेगी। अनावेदक पक्ष का जवाब भी सामने आना बाकी है।
बड़ा सवाल: आदेश के पालन की जिम्मेदारी किसकी?
जब विवादित भूमि को लेकर न्यायालय से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी हो चुके हैं, तो मौके पर कथित निर्माण और जुताई की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? क्या संबंधित पुलिस और राजस्व अमले ने न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित किया है? क्या पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा और पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है?
अब निगाहें सेमरिया प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विवादित भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए,ताकि आम रास्ते को लेकर विवाद का निष्पक्ष निराकरण हो सके।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी

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