रोझौही न्यूक्लियर प्लांट के खिलाफ AAP का मोर्चा, परियोजना रद्द करने की मांग
रीवा : रीवा जिले के सिरमौर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सरई कला के ग्राम रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं। अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है। पार्टी ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर सवाल उठाया है कि आखिर स्थानीय ग्रामीणों की आशंकाओं, पर्यावरणीय सुरक्षा और संभावित जोखिमों का समाधान किए बिना परियोजना की प्रक्रिया आगे क्यों बढ़ाई जाए?
AAP के जिलाध्यक्ष (शहर) इंजीनियर दीपक सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने मांग की है कि परियोजना से संबंधित प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसे किसी अन्य उपयुक्त, आबादी रहित क्षेत्र में स्थापित करने के विकल्प पर विचार किया जाए। पार्टी का कहना है कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, जलस्रोतों और कृषि भूमि से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
30 किलोमीटर के दायरे की जांच, फिर आगे बढ़े प्रक्रिया
आम आदमी पार्टी ने प्रस्तावित परियोजना के आसपास लगभग 30 किलोमीटर के क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग की है। इसमें संभावित रेडिएशन जोखिम, जलस्रोतों पर प्रभाव,रेडियोधर्मी अपशिष्ट के प्रबंधन और कृषि भूमि पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों का स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से आकलन कराने की मांग शामिल है।पार्टी ने सवाल उठाया है कि परियोजना से जुड़े जोखिमों, सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय प्रभावों की स्पष्ट जानकारी स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जांच केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि उसकी प्रक्रिया पारदर्शी हो और ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के स्वास्थ्य की चिंता, तत्काल मेडिकल जांच की मांग
रोझौही परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों के स्वास्थ्य का मुद्दा भी AAP ने प्रमुखता से उठाया है। पार्टी ने आंदोलनरत ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण, जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार अपनी आशंकाएं और मांगें सामने रख रहे हैं, तो प्रशासन उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए क्या कदम उठा रहा है? पार्टी ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल पहल करने की मांग की है।
जनता की सहमति और सुरक्षा पर जवाबदेही तय हो
AAP ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील परियोजना से जुड़े फैसलों में स्थानीय नागरिकों की चिंताओं को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने पारदर्शी जनसुनवाई, पर्यावरणीय प्रभावों की जानकारी सार्वजनिक करने और सभी आवश्यक कानूनी एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
ज्ञापन के जरिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पार्टी ने परियोजना निरस्त करने और वैकल्पिक स्थान पर विचार करने की अपील की है।
अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल
- क्या रोझौही परियोजना के आसपास 30 किलोमीटर के क्षेत्र का स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा?
- क्या परियोजना के संभावित पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की जानकारी सार्वजनिक होगी?
- क्या आंदोलनरत ग्रामीणों का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी?
- क्या स्थानीय ग्रामीणों की आशंकाओं का समाधान किए बिना परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी?
- क्या शासन परियोजना के लिए किसी वैकल्पिक स्थान पर विचार करेगा?
फिलहाल रोझौही परियोजना को लेकर विरोध और सवाल दोनों तेज हैं। आम आदमी पार्टी ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर हैं कि वे ग्रामीणों की चिंताओं, पर्यावरणीय सुरक्षा और परियोजना से जुड़े सवालों पर क्या रुख अपनाते हैं।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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