लालू के 'लाल' को मिली कमान, ताजपोशी के बीच रोहिणी का 'विद्रोही' अवतार!
बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है! पटना का होटल मौर्या आज एक ऐसे सियासी ड्रामे का गवाह बनने जा रहा है, जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी। एक तरफ आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने कुनबे और फौज के साथ शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ घर के भीतर से ही उठी बगावत की चिंगारी ने लालू के 'लाल' की ताजपोशी के जश्न में खलल डाल दिया है। हालांकि इन हंगामे के बीच तेजस्वी यादव को पार्टी की कमान सौंप दी गई।

आपको बता दें पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव आरजेडी महासचिव भोला यादव ने रखा, जिस पर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से मोहर लगा दी।

इस बैठक में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और सांसद मीसा भारती पहुंचे। वहीं तेजस्वी यादव अपने करीबी संजय यादव के साथ बैठक में पहुंचे।

लेकिन, इस बैठक के शुरू होने से ठीक पहले लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक ऐसा पोस्ट लिखा है, जिसने पूरी पार्टी में हड़कंप मचा दिया है। रोहिणी ने बिना नाम लिए तेजस्वी के करीबियों और पार्टी के रणनीतिकारों पर 'घुसपैठिया' होने का आरोप लगाया है।
रोहिणी ने लिखा: "पार्टी की असली कमान अब उन साजिशकर्ताओं के हाथ में है, जिन्हें विरोधियों ने लालूवाद खत्म करने के लिए भेजा है। जो चुप है, वो इस साजिश में शामिल है।"
रोहिणी ने साफ कहा कि पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए वो लोग जिम्मेदार हैं जो चाटुकारिता में डूबे हैं। उन्होंने नेतृत्व को चेतावनी दी है कि सवालों से भागने के बजाय अपने गिरेबान में झांकें।
दरअसल, होटल मौर्या के लोकनायक जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता खुद लालू यादव ने की। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 85 सदस्य और 200 से अधिक विशेष आमंत्रित अतिथि रहे। 20 से अधिक राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद और विधायक शामिल रहे।

वहीं अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या लालू प्रसाद यादव अपनी बेटी के इन तीखे सवालों का जवाब देंगे? क्या रोहिणी आचार्य का यह गुस्सा तेजस्वी यादव की संभावित ताजपोशी की राह में रोड़ा बनेगा? एक तरफ अनुशासन और संगठन को मजबूत करने की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ परिवार के भीतर की यह रार बता रही है कि 'सब कुछ ठीक नहीं है'। देखना दिलचस्प होगा कि होटल मौर्या के बंद कमरे से जब नेता बाहर निकलेंगे, तो आरजेडी का चेहरा बदला हुआ होगा या फिर अंतर्कलह की ये आग और भड़केगी।

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