City Flyover पर नो एंट्री! बाइक-स्कूटर वालों के लिए नया रूट और चालान की जानकारी

बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर पर सफर करने वाले टू-व्हीलर और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी खबर है। 11 सितंबर 2026 से बाइक, स्कूटर और ऑटो-रिक्शा को इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर चलने की अनुमति नहीं होगी। रोजाना इलेक्ट्रॉनिक सिटी और शहर के अन्य हिस्सों के बीच आने-जाने वाले लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

हालांकि, प्रतिबंध केवल बाइक और ऑटो तक सीमित नहीं है। कॉरिडोर पर सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बंद रहेगी। इस अवधि में ट्रक और दूसरे गुड्स व्हीकल एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

एयरपोर्ट रोड पर भी लागू हो चुका है ऐसा नियम

बेंगलुरु में हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर इसी तरह के नियम पहले ही लागू किए जा चुके हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड के एलिवेटेड कॉरिडोर पर 4 सितंबर से टू-व्हीलर्स और ऑटो-रिक्शा की 24 घंटे एंट्री प्रतिबंधित है।

यह पाबंदी संजीवनगर क्रॉस से विद्याशिल्प जंक्शन के बीच वाले हिस्से में लागू है। यहां भी मालवाहक वाहनों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक एलिवेटेड कॉरिडोर पर जाने की अनुमति नहीं है।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इन प्रतिबंधों का उद्देश्य तेज रफ्तार वाले कॉरिडोर पर सुरक्षा बनाए रखना और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करना है। किसी वाहन के खराब होने या दुर्घटना की स्थिति में ऐसे सीमित और तेज रफ्तार वाले मार्गों पर यातायात जल्दी प्रभावित हो सकता है। छोटे और धीमे वाहनों की मौजूदगी भी सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकती है।

बाइक और स्कूटर चालकों के लिए कौन सा होगा वैकल्पिक रास्ता?

इलेक्ट्रॉनिक सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर पर टू-व्हीलर्स की एंट्री बंद होने के बाद बाइक और स्कूटर चालकों को नीचे होसुर रोड के सर्विस रोड से जाना होगा।

यह वैकल्पिक मार्ग बोम्मनहल्ली, कुडलू गेट, होसा रोड, सिंगसंद्रा, कोनाप्पना अग्रहारा और हुस्कूर गेट जैसे इलाकों से होकर गुजरता है। सर्विस रोड पर पहले से ही वाहनों का दबाव रहता है, इसलिए फ्लाईओवर से टू-व्हीलर्स हटने के बाद यहां ट्रैफिक और बढ़ने की आशंका है।

खास तौर पर शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक इस रूट पर अतिरिक्त भीड़ देखने को मिल सकती है। सुबह ऑफिस टाइम में भी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। ऐसे में संभव हो तो यात्रियों को पीक ऑवर से पहले निकलने या भीड़ कम होने के बाद यात्रा करने की योजना बनानी चाहिए।

CCTV से होगी निगरानी, चालान का भी खतरा

नए नियम लागू होने के बाद प्रतिबंधित एलिवेटेड कॉरिडोर पर वाहनों की निगरानी CCTV के जरिए की जाएगी। यदि कोई बाइक या स्कूटर नो-एंट्री वाले फ्लाईओवर पर जाता है तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई हो सकती है।

नियम तोड़ने पर शुरुआती तौर पर करीब 500 रुपये के चालान की बात सामने आई है। इसलिए रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले टू-व्हीलर चालकों के लिए बेहतर होगा कि वे प्रतिबंध लागू होने से पहले ही अपना वैकल्पिक रूट तय कर लें।

सर्विस रोड से बढ़ सकता है समय और पेट्रोल खर्च

फ्लाईओवर की तुलना में नीचे के सर्विस रोड पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण यात्रा में ज्यादा समय लग सकता है। बार-बार ब्रेक लगाने और रुक-रुककर चलने से बाइक का माइलेज भी प्रभावित हो सकता है।

मसलन, सामान्य परिस्थितियों में 100-110cc की बाइक करीब 60 किमी प्रति लीटर का माइलेज दे सकती है। लेकिन भारी ट्रैफिक में यही माइलेज लगभग 54 किमी प्रति लीटर तक गिर सकता है। रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए इसका सीधा असर ईंधन खर्च पर पड़ सकता है।

मेट्रो और बस भी हो सकते हैं विकल्प

जिन यात्रियों के लिए सर्विस रोड से सफर करना सुविधाजनक नहीं है, वे सार्वजनिक परिवहन का विकल्प चुन सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक सिटी जाने वाले यात्री नम्मा मेट्रो की येलो लाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं। पार्क-एंड-राइड सुविधा के तहत निजी वाहन पार्क करके आगे मेट्रो और फीडर बस के जरिए गंतव्य तक पहुंचना एक विकल्प हो सकता है।

एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए BMTC की वायु वज्र बस सेवा भी उपयोगी विकल्प हो सकती है।

बारिश में टू-व्हीलर चालकों को अतिरिक्त सावधानी जरूरी

मानसून के दौरान सर्विस रोड पर सफर करते समय बाइक और स्कूटर चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। यात्रा से पहले टायर, ब्रेक और चेन की स्थिति जांच लेना बेहतर रहेगा। बारिश में साफ दिखाई देने वाला वाइजर वाला हेलमेट, रेनकोट और रिफ्लेक्टिव बैंड साथ रखना भी मददगार हो सकता है।

बोम्मनहल्ली और होसा रोड के आसपास बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। इसलिए लेन बदलते समय और चौराहों के पास विशेष सतर्कता जरूरी होगी।

11 सितंबर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर पर बाइक, स्कूटर और ऑटो-रिक्शा की आवाजाही बंद होने के बाद रोजाना यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले वैकल्पिक रूट, यात्रा का अतिरिक्त समय और सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों को ध्यान में रखकर योजना बनाना बेहतर रहेगा।

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