धर्म कांटा पर अवैध बालू स्टॉक से हाईवे पर दुर्घटना की बढ़ी आशंका

रोहतास : रोहतास जिले के एनएच-2 पर सड़क हादसों की आशंका दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण है एनएच किनारे स्थित धर्म कांटा स्थलों पर बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध बालू का स्टॉक। यह समस्या डेहरी मुफ्फसिल और धौड़ाढ़ थाना क्षेत्रों में विशेष रूप से गंभीर रूप धारण कर चुकी है, जहां यह अवैध कारोबार बिना किसी रोक-टोक के जारी है। सवाल उठता है कि आखिर इन धर्म कांटा स्थलों पर इतनी बड़ी मात्रा में बालू कहां से आ रही है? क्या यह प्रशासन की अनदेखी है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित मिलीभगत है? स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की मानें तो धर्म कांटा के पास अवैध रूप से बालू के बड़े-बड़े ढेर जमा किए जा रहे हैं। जब तेज हवा चलती है, तो बालू उड़कर सड़क पर और राहगीरों की आंखों में चली जाती है। इससे न केवल यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि हाईवे पर चलने वाले वाहनों की दृश्यता भी प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर गंभीर चुप्पी देखी जा रही है। धौड़ाढ़ थानाध्यक्ष और खनन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। जबकि, आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार इस विषय को उठाते आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि पुलिस, खनन विभाग और परिवहन विभाग की मिलीभगत के बिना इस तरह का व्यापक अवैध खनन और बालू स्टॉकिंग संभव नहीं है। बालू माफियाओं को कहीं न कहीं से प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, तभी वे इस काले कारोबार को बेखौफ अंजाम दे पा रहे हैं। बालू की ढुलाई और अवैध स्टॉकिंग से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की कानून व्यवस्था को भी चुनौती दे रहा है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ एनएच-2 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हो रहा है, जिससे प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। दुर्घटनाओं का खतरा सिर पर मंडरा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। धर्म कांटा स्थलों पर नियमित निगरानी, अवैध बालू स्टॉक की जब्ती और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। साथ ही, खनन और परिवहन विभाग को भी जवाबदेह बनाना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जा सके। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह न केवल आम जनता के लिए खतरा बन सकता है, बल्कि प्रशासन की साख पर भी सवालिया निशान छोड़ देगा। सड़क सुरक्षा और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रशासन को अब और देर नहीं करनी चाहिए।

रिपोर्टर : पंकज कुमार      

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