शंकरपुर गांव में नल जल योजना और हैंडपंप बने मज़ाक, भीषण गर्मी में पानी को तरसते ग्रामीण
रोहतास : जिले के तिलौथू प्रखंड अंतर्गत चकनवा पंचायत के शंकरपुर गांव में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सरकार की बहुचर्चित और बहुप्रचारित नल जल योजना यहां पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। पंचायत सरकार भवन के समीप बनाई गई पानी की टंकी वर्षों से शोपीस बनकर खड़ी है, जिससे न तो किसी घर में पानी पहुंच रहा है और न ही आसपास के क्षेत्र में कोई सुविधा मिल रही है। नल जल योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लेकिन शंकरपुर गांव में इस योजना की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गांव में पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन उससे जुड़ी पाइपलाइन बिछाने का काम आज तक नहीं हुआ। नतीजतन टंकी से एक बूंद पानी भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हो रहा है। टंकी के पास ही पीएचईडी विभाग द्वारा लगाया गया हैंडपंप भी कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। गौरतलब है कि हाल ही में रोहतास की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने समाहरणालय परिसर से एक मरम्मती दल को पीएचईडी विभाग के खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मती के लिए रवाना किया था, लेकिन लगता है कि शंकरपुर गांव उस सूची में शामिल नहीं हो सका। गांव वालों का कहना है कि मरम्मती टीम आज तक उनके गांव नहीं पहुंची। गांव की महिला शांति देवी ने इस स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, सरकार सारा पानी अपने घर ले गई है, यहां तो सिर्फ टंकी छोड़ दी है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग अपने खर्चे पर मोटर लगाकर पानी निकालते हैं और दिन-रात पानी की चिंता में जीते हैं। उनका यह बयान सरकारी योजनाओं की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि हैंडपंप और टंकी सिर्फ दिखावे के लिए लगाए गए हैं, असल में तो लोग आज भी पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण शंकरपुर गांव जैसे इलाके विकास की धारा से अब भी कोसों दूर हैं। पानी जैसी बुनियादी जरूरत की पूर्ति न हो पाना इस बात का प्रमाण है कि योजनाओं की घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। शंकरपुर गांव की यह तस्वीर सरकार की नीतियों और योजनाओं की जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। जहां एक ओर सरकार हर घर नल का सपना दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर यहां के लोग अब भी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भीषण गर्मी में पानी की यह किल्लत जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर संकट बनती जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
रिपोर्टर : पंकज
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