रोटी खाने से डायबिटीज का खतरा: जानें क्या सच है

रोटी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है, लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि क्या रोटी खाने से डायबिटीज (मधुमेह) का खतरा बढ़ता है। आइए इस सवाल का वैज्ञानिक और सरल जवाब समझते हैं।

रोटी और ग्लूकोज

रोटी मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट से बनती है। जब हम इसे खाते हैं, तो यह ग्लूकोज में बदल जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। अधिक ग्लूकोज ब्लड में लंबे समय तक रहने पर इंसुलिन प्रतिरोध और डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है।

कौन सी रोटी सुरक्षित है?

अट्टी की रोटी (Whole wheat): यह रिफाइंड आटे की रोटी की तुलना में धीरे-धीरे पचती है और ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाती।

जौ, बाजरा, रागी की रोटी: ये लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाली होती हैं और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद करती हैं।

रिफाइंड आटे की रोटी (Maida): यह जल्दी पचती है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

खपत का तरीका

मात्रा कम रखें: ज्यादा रोटी खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
सब्जी या दाल के साथ खाएं: इससे रोटी के कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं।
अंतराल बनाएं: एक ही बार में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट लेने से बचें।

रोटी खाने से डायबिटीज का खतरा स्वतः नहीं बढ़ता, लेकिन रिफाइंड आटे की अधिक खपत और बड़ी मात्रा में खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसलिए, सही प्रकार की रोटी और संतुलित मात्रा का सेवन ही सुरक्षित और स्वस्थ विकल्प है।

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