खराब परफॉर्मेंस वाले 5 सीडीपीओ का वेतन रोकने के निर्देश, मैदानी निरीक्षण में ढिलाई पर सख्त नाराजगी

मध्यप्रदेश : योजनाओं की पेंडेंसी खत्म करें, घर-घर दस्तक देकर सुनिश्चित करें  बच्चों का पोषण और सुरक्षा खाली न रहें एनआरसी के बेड, तैयार रखें कुपोषित बच्चों की वेटिंग लिस्ट पोषण ट्रैकर, संपर्क ऐप पर हो रियल टाइम शत-प्रतिशत हाजिरी आधार और ई-केवायसी के लिए लगेंगे विशेष कैंप, कार्य में लापरवाही पर कटेगा वेतन, फील्ड विजिट अनिवार्य कलेक्टर ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, लापरवाही पर वेतन काटने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश  कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने विभाग के प्रमुख योजनाओं और संपर्क एवं पोषण ट्रैकर ऐप पर डेटा प्रविष्टि की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मैदानी स्तर पर काम न करने वाले अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि 'पोषण ट्रैकर ऐप' पर आंगनबाड़ी खोलने और केंद्र पर होने वाली गतिविधियों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि अनिवार्य है। यदि 10 तारीख के बाद भी प्रविष्टि नहीं पाई जाती है, तो संबंधित की उस दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने 'बॉटम-5' (सबसे कम प्रदर्शन करने वाले) सीडीपीओ  की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में हितग्राहियों का पंजीयन और आगामी कार्यवाही लंबित है, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन तब तक रोका जाए जब तक कार्य में सुधार न हो।

कलेक्टर ने सुपरवाइजर्स और सीडीपीओ के फील्ड भ्रमण की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि, सुपरवाइजर्स, 12 कार्य दिवसों में अनिवार्य रूप से 12 फील्ड विजिट सुनिश्चित करें। भ्रमण के दिन निश्चित होने चाहिए। यदि निर्धारित दिनों में भ्रमण नहीं किया जाता है, तो उतने दिन का वेतन काटा जाएगा। गृह संपर्क की स्थिति भी शत-प्रतिशत होनी चाहिए।

कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि, चिन्हित गंभीर कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों को उचित हस्तक्षेप के माध्यम से सामान्य स्थिति में लाया जाए।  किसी भी पोषण पुनर्वास केंद्र का बेड खाली नहीं रहना चाहिए। इसके लिए 'वेटिंग लिस्ट' तैयार रखने और अगले 10 बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें भर्ती की तारीख पहले से बताने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित बच्चों का शतप्रतिशत फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लंबित प्रकरणों को दैनिक आधार पर क्लियर करने तथा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और ई केवाईसी के तहत शत-प्रतिशत लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक (DBT Enabled) और e-KYC कराने के भी निर्देश दिए। इसके लिए आधार के विशेष कैंप लगाने और आधार, अपार और आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ियों में प्रारंभिक बाल शिक्षा गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए 'अजीम प्रेमजी फाउंडेशन' के सहयोग से गतिविधियों के संचालन और नई कार्यकर्ताओं के ओरिएंटेशन पर चर्चा की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगली बैठक तक सभी मापदंडों में शतप्रतिशत सुधार दिखना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत सहित समस्त सीडीपीओ सुपरवाइजर मौजूद थे।

रिपोर्टर : लालसाहब लोधी

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