कार्यों का निराकरण समय सीमा में नहीं करने पर पंचायत सचिवों पर लगाया जुर्माना
सागर : कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतिभा पाल के आदेशानुसार, अपने कार्यों के प्रति लापरवाही और प्रकरणों का निराकरण समय सीमा के अंदर नहीं करने पर बंडा, जैसीनगर, राहतगढ़, देवरी की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिवों पर जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय जारी जुमाना आदेश के अनुसार बलवंत सिंह सचिव ग्राम पंचायत औरिया जैसीनगर, कामता प्रसाद सचिव ग्राम पंचायत खैराई राहतगढ, कृष्ण कुमार तिवारी सचिव ग्राम पंचायत मानेगांव देवरी एवं गौर कृष्ण दास ठाकुर सचिव ग्राम पंचायत कंदारी बंडा पर कार्यों का निराकरण समय सीमा में नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया। म०प्र० लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अपने अधिकार का उपयोग करते हुए, आर्थिक सांख्यिकी विभाग के प्रकरण को समय सीमा के अंदर निराकरण न करने, साथ ही इस हेतु पूर्व में भी पंचायत सचिवों को निर्देशित करने के उपरांत भी प्रकरण का निराकरण समय सीमा में नहीं किया गया हैं। साथ ही कारण बताओ नोटिस का भी ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा समाधान कारक जवाब नहीं दिया गया । उक्त कृत्य लोक सेवा गांरटी अधिनियम 2010 की धारा 7 (क) का उल्लंघन हैं। अतएव सचिवों के द्वारा आवेदन को विलंबित करने एवं समय सीमा पर निराकृत नहीं करने पर दंड स्वरूप जुर्माना लगाया गया। साथ ही उक्त जुर्माना राशि को तीन दिन के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया।
किसान रथ यात्रा में उमड़ा उत्साह: ग्राम धाड़, मिर्जापुर और चमारी में किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी
सागर 20 मई 2026
किसान रथ यात्रा के तहत बीना विकासखंड के ग्राम धाड़, मिर्जापुर और चमारी में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। क्षेत्र के किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने बढ़ चढ़कर इस अभियान में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने किसान रथ यात्रा के उद्देश्य एवं महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने किसानों को जैविक खेती, ई-टोकन प्रणाली, संतुलित उर्वरक उपयोग और संतुलित सिंचाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी। इस मौके पर कृषि विस्तार अधिकारी दीपेश मोगे, प्रताप बागरी, अजहर, अभिषेक कौशिक भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व बताया और कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने से उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी संभव है। किसानों को बताया गया कि ई-टोकन प्रणाली से फसल विक्रय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनती है, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य मिलता है। साथ ही जैविक खेती अपनाकर खेती को लाभ का धंधा बनाने के उपाय भी साझा किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इस पहल को अत्यंत लाभकारी बताया और कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना की। किसान रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक, आत्मनिर्भर और उन्नत कृषि की दिशा में प्रेरित करना है।
रिपोर्टर : लालसाहब लोधी

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