सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावे 7 दिवस में करवाये - कलेक्टर प्रतिभा पाल
सागर : वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत जिले के चिन्हित दस गांवों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावे ग्राम स्तर से सात दिवस में करवाये जाएं। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा इस संबंध में आयोजित जिले की पहली बैठक में जिला अधिकारियों को प्रदान किये। वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत वनों के संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन और उपयोग के अधिकार गांवों को दिये गये हैं, जिसका वे सतत उपयोग पारंपरिक रूप से सुरक्षा और संरक्षण के लिये कर रहे हैं। सागर जिले में इस प्रकार के पोटेंशियल ग्रामों की संख्या 1134 है, जिनके प्रबंधन के अधिकार चरणबद्ध रूप से ग्राम स्तर की सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्रबंधन समिति को सौंपे जाने हैं। इस कार्य के लिये जनजातीय कार्य विभाग को नोडल का दायित्व सौंपा गया है।
विभाग के निर्देशानुसार सागर जिले में प्रथम चरण में 113 ग्रामों में ग्राम स्तर की सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्रबंधन समिति के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन और सतत उपयोग करने के अधिकार सौंपे जाने हैं। जिले में पायलट के तौर पर 10 गांवों में उक्त समिति गठित कराकर उनका प्रशिक्षण संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य सागर संभाग द्वारा प्रदान किये जाने संबंधी निर्देश कलेक्टर श्रीमती पाल द्वारा दिये गये।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य को निर्देशित किया गया कि इन चयनित ग्रामों के आवेदन सात दिवस में करवाकर उपखंड स्तरीय समिति के समक्ष आवेदन अग्रेषित कराकर, दावा, आपत्ति एवं परीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराकर अंतिम निराकरण हेतु जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाएं। कलेक्टर श्रीमती पाल द्वारा निर्देश दिये गये कि संपूर्ण प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करायी जाये एवं अन्य गांवों में भी समिति का गठन एवं प्रशिक्षण का कार्य शीघ्रता से कराया जाये।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत विवेक के. वी., डीएफओ दक्षिण वन मंडल वरुण यादव, प्रभारी डीएफओ उत्तर वन मंडल शैलेष माचरा, संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य सुधीर श्रीवास्तव एवं सहायक आयुक्त अदिति शांडिल्य उपस्थित थीं।
रिपोर्टर : लालसाहब लोधी

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