कलेक्टर सहित पूरा प्रशासनिक अमला 'बस पूलिंग' से पहुंचा ढाना; लगा विशाल जन-संवाद एवं समस्या निवारण शिविर

सागर : राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित व पारदर्शी निराकरण, शासकीय योजनाओं की जमीनी समीक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था में सीधी जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026' का शुक्रवार को जनपद सागर के ग्राम ढाना में जिला स्तरीय विशाल शिविर के साथ भव्य आगाज हुआ।

पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और प्रशासनिक सादगी का संदेश देते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी सहित जिले के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी व्यक्तिगत वाहनों का परित्याग कर 'बस पूलिंग' (एक ही बस में सवार होकर) के माध्यम से ढाना स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

शिविर में 236 आवेदन प्राप्त, 80 का मौके पर ही हुआ निराकरण

"प्रशासन आपके द्वार" की अवधारणा पर आयोजित इस विशाल शिविर में ग्रामीणों एवं आमजनों से कुल 236 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के स्पष्ट निर्देशों के बाद मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 80 शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान कर आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान की। शेष 156 आवेदनों को समय-सीमा में दर्ज कर संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचलों के जो नागरिक जिला मुख्यालय तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं, उनके द्वार तक आज पूरा प्रशासन खुद पहुंचा है। अंत्योदय की मूल भावना के तहत हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य ध्येय है। सभी इसका लाभ उठाएं और सरकार की मंशानुरूप शिविर को सफल बनाएं।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए यह  विशेष अभियान (07 अगस्त 2026 से 08 जनवरी 2027 तक) प्रारंभ हुआ है, जो प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि अभियान का प्राथमिक उद्देश्य मौके पर आने वाले नए आवेदनों और पुरानी लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत व समयबद्ध समाधान करना है। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि निराकरण की वास्तविक समीक्षा की जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से बच्चों की शिक्षा, गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए 'रोको-टोको' की स्वस्थ परंपरा अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम आज अगर बच्चों, महिलाओं को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की नींव देंगे तो कल हम सभी का भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा।

पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने कहा कि अपराधों की मुख्य जड़ नशा है। प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए पुलिस द्वारा 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब के कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
 
स्टॉल, स्वास्थ्य शिविर और एक ही स्थान पर मिली विभागीय जानकारी

मंगल भवन ढाना में शासन के सभी प्रमुख विभागों (राजस्व, पंचायत, कृषि, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, विद्युत आदि) द्वारा प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। जहाँ ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और नए आवेदन सीधे स्वीकार किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क जांच व उपचार शिविर लगाया गया। साथ ही कृषि एवं सम्बद्ध विभागों से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे किसानों को उन्नत खेती, मृदा स्वास्थ्य और शासकीय अनुदान की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

सफल उद्यमी संवाद

उद्यमी संवाद के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र सिद्धगुवां में संचालित मेसर्स उषाकिरण एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर श्री सुंदर रजक ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएमईजीपी योजना के तहत 25 लाख का ऋण लेकर सहजन (मुनगा) आधारित हर्बल उत्पादों का स्टार्टअप शुरू किया, जिसे राज्य सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत मासिक ईआईआर, पैकेजिंग ट्रेनिंग (आईआईपी मुंबई) तथा भारत मंडपम नई दिल्ली में प्रदर्शनी के माध्यम से बड़े व्यावसायिक ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।

जिला प्रशासन की इस पारदर्शी और संवेदनशील कार्यप्रणाली से ढाना क्षेत्र के निवासियों में जहां एक ओर भारी उत्साह देखा गया वहीं दूसरी ओर मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने पर ग्रामीणों ने आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती सविता राजपूत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक केवी, एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने देखा पीएचसी ढाना: गर्भवती महिलाओं का हाल जाना, उपकरण जांचे और मरीजों से सीधे ली स्वास्थ्य की जानकारी

सागर 07 अगस्त 2026
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ढाना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र जांच केंद्र, लेबर रूम, पैथोलॉजी , इमरजेंसी किट और औषधि स्टोर की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित गर्भवती महिलाओं से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा एम.सी.पी. कार्ड की जांच की। उन्होंने वहां उपस्थित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला से भी बात की और स्वास्थ्य अमले से उनकी बेहतर देखभाल व उपचार के   निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अपने सामने ही मरीजों का बी.पी. चेक कराकर परीक्षण उपकरणों की कार्यप्रणाली को परखा। स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को बाहर या बाजार की दवाइयां न लिखी जाएं। यदि कोई विशेष ब्रांड उपलब्ध न हो, तो उसी साल्ट की वैकल्पिक उपलब्ध दवा ही अस्पताल से दी जाए। औषधि स्टोर और इमरजेंसी किट में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पैथोलॉजी लैब में सभी प्राथमिक जांचें सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के इमरजेंसी रूम, इंजेक्शन रूम, ई.सी.जी. कक्ष, लेबर रूम और पी.एन.सी. रूम का बारीकी से परीक्षण किया।

ढाना छात्रावास पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल: व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सभी 50 सीटें शीघ्र भरने के दिए सख्त निर्देश

सागर 07 अगस्त 2026
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास ढाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास की रसोई, भोजन व्यवस्था तथा पेयजल व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर ने छात्रावास रसोई में साफ-सफाई रखने, भोजन सामग्री को साफ एवं सूखे स्थान पर रखने तथा मेन्यू के अनुसार ही भोजन बनाने के  निर्देश दिए। उन्होंने पानी की टंकी की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया ताकि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि छात्रावास की 50 सीटें पूर्ण रूप से भरी जाएं और कोई भी सीट खाली न रहे। नामांकित सभी बच्चों का नियमित रूप से छात्रावास में रहना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने छात्रावास परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अनार का पौधा रोपित किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास में बच्चों को स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनका समुचित विकास हो सके।

रिपोर्टर : लाल साहब लोधी
 

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