चिलकाना में यूरिया की कालाबाजारी के आरोप में दो कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

सहारनपुर : सहकारी समिति चिलकाना के दो कर्मचारियों जुबैर अहमद व हसीन पर यूरिया की कालाबाजारी करने का आरोप। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। जिला कृषि अधिकारी सहारनपुर कपिल कुमार ने चिलकाना थाने पर यूरिया खाद की कालाबाजारी करने के आरोप में सहकारी समिति चिलकाना के दो कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करते हुए अवगत कराया कि उनके द्वारा सहकारी समिति चिलकाना का औचक निरीक्षण किया गया, जहां समिति के आंकिक पद पर तैनात जुबैर अहमद द्वारा वितरण रजिस्टर का निरिक्षण कराया गया। जिसमें भारी मात्रा में गड़बड़ी पायी गयी तथा प्रतीत हुआ कि 603 बैग यूरिया की कालाबाजारी की गयी है। उन्होंने बताया कि जब वितरण रजिस्टर की जांच कर एक अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक के कुल वितरण का योग किया गया तो कुल 4458 बैग यूरिया वितरित किये गये, जबकि आई. एफ.एम.एस. पोर्टल पर 4943 बैग यूरिया वितरित पाया गया। तथा इसी समयावधि में समिति को 5280 बैग यूरिया आपूर्ति किया गया था। जुबैर अहमद द्वारा मौके पर कुल 219 बैग यूरिया उपलब्ध कराया गया। जबकि मौके पर 822 बैग यूरिया उपलब्ध होना चाहिए था।

उन्होंने बताया कि आंकिक जुबैर अहमद का कहना है कि 31 मार्च के बाद 111 बैग यूरिया बेचे गये हैं जबकि वितरण रजिस्टर में एक भी बैग दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने सहकारी समिति में लगे सीसीटीवी कैमरों के रैन्डम का निरिक्षण किया जिससे ज्ञात हुआ कि 18 मार्च 2026 को तीन बजकर पैंतालीस मिनट पर एक पीकउप गाडी यूपी 11 डीटी 3781 में 60 बैग यूरिया भरकर कहीं भेजे गये हैं। जिस पर आंकिक जुबैर अहमद का कहना है कि उर्वरक वितरण अधिकारी हसीन द्वारा इसी प्रकार यूरिया वितरित किया जाता है। ओर हमारी सैलरी नहीं मिलती जिस कारण हमें इसी प्रकार यूरिया बेचकर अपना खर्चा चलाना पड़ता है।
जिला कृषि अधिकारी सहारनपुर कपिल कुमार द्वारा सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर व वितरण रजिस्टर आदि अभिलेख कब्जे में लेते हुए तत्काल प्रभाव से समिति का लायसेंस निलंबित कर दिया गया है। तथा सोसायटी में आंकिक के पद पर कार्यरत जुबैर अहमद पुत्र शफीक अहमद निवासी आनन्द विहार कॉलोनी सहारनपुर व उर्वरक वितरण अधिकारी हसीन के विरुद्ध चिलकाना थाना पर खाद की कालाबाजारी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि काफी समय से दोनों कर्मचारी किसानों को खाद न आने की बात कहकर टाल देते थे, जबकि खाद की दुकानों पर कालाबाजारी करके आपस में बन्दर बांट कर लेते थे।

रिपोर्टर : नरेश कुमार
 

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