सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद हटाने के बाद मिला कुआं, भारी स्लैब के नीचे छिपा था ढांचा
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाए जाने के अगले दिन मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे एक कुआं मिला। कुएं के ऊपर एक भारी-भरकम स्लैब पड़ा हुआ था, जिसे हटाने के लिए पहले पोकलेन मशीन की मदद ली गई। मशीन से स्लैब नहीं टूटने पर कटर मंगवाकर उसे काटा गया। इसके बाद उसके नीचे कुआं दिखाई दिया।
मामला सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर का है, जहां जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के बाद मस्जिद हटाने की कार्रवाई की थी। रविवार सुबह मलबा हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान कर्मचारियों की नजर जमीन के नीचे मौजूद मजबूत स्लैब पर पड़ी।
प्रशासन के मुताबिक, शुरुआती तौर पर कुएं की गहराई करीब 20 फीट और व्यास लगभग डेढ़ मीटर बताया जा रहा है। हालांकि, कुआं कितना पुराना है और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इस बारे में अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
कुएं के सामने आने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। कुएं की गहराई, उसकी उम्र और उसके इस्तेमाल को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि, इन सवालों का आधिकारिक जवाब अभी सामने नहीं आया है।
सुरक्षा के मद्देनजर कुएं के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की निगरानी में मलबा हटाने का काम भी जारी है।
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद की गई कार्रवाई के दौरान यह ढांचा सामने आया है। प्रथम दृष्टया यह कुआं दिखाई दे रहा है और इसकी गहराई करीब 20 फीट के आसपास है। उन्होंने कहा कि कुएं की वास्तविक उम्र और उसके इतिहास के बारे में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम मौके पर आएगी। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के नीचे मिला कुआं कितना पुराना है और इसका कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व है या नहीं।
फिलहाल, सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाने के बाद मलबे के नीचे मिले इस कुएं को लेकर लोगों में चर्चा बनी हुई है। कुआं कब बनाया गया था और इसका इस्तेमाल किस लिए होता था, इसका जवाब अब ASI की जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
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