जिले के पांडुलिपि सर्वेक्षण टीम को पड़री गांव में 200 साल पुराना पांडुलिपि मिला

सहरसा : भारत सरकार के ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार के कुशल निर्देशन में जिले में व्यापक स्तर पर पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है।इसी क्रम में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण टीम सहरसा के अंतर्गत जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा एवं उग्रतारा भारती-मंडन संस्कृत महाविद्यालय के सहायक प्राचार्य डॉ.आनन्द दत्त झा द्वारा महिषी निवासी पं. चन्द्रशेखर चौधरी के सहयोग से पड़री ग्राम निवासी पं. विभाकर झा,पिता सुभाषचंद्र झा के आवास पर लगभग 200 वर्ष प्राचीन पाण्डुलिपियों का विधिवत अवलोकन किया गया। उक्त पाण्डुलिपियों में ज्योतिष, वेद एवं कर्मकाण्ड आदि विविध विषयों से संबंधित संस्कृत भाषा की दुर्लभ सामग्रीमिथिलाक्षर एवं देवनागरी लिपि में सुरक्षित पाई गई, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा का महत्वपूर्ण साक्ष्य है।जिला प्रशासन द्वारा समस्त जिलावासियों से अपील की गई है कि यदि उनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक प्राचीन कोई भी महत्वपूर्ण पाण्डुलिपि उपलब्ध हो तो उसका सर्वेक्षण अवश्य कराएं। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

रिपोर्टर : अजय कुमार

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