15 मार्च को सहरसा क्या खोया और क्या पाया पर होगी खुली परिचर्चा : प्रवीण आनंद
सहरसा - सहरसा के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर केंद्रित “सहरसा संवाद 2026” विषय क्या खोया, क्या पाया हमारा सहरसा पर सर्ववर्गीय महापरिचर्चा 15 मार्च 2026 (रविवार) को दिन के 1 बजे से जिला परिषद परिसर, सहरसा में आयोजित होगी। 1 अप्रैल 1954 को सहरसा का जन्म हुआ था और 1970 में कमिश्नरी बना । हमारे पूर्वजों ने हमें सहरसा सजा करके दिए और अभी के समय में बीएड कॉलेज,लॉ कॉलेज,काडा कार्यालय,टीडीएम कार्यालय,एम्स अस्पताल एवं अन्य कई प्रमंडलीय स्तर के संस्थान हमारे जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से चला गया और जाने की तैयारी में है । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि हमने अपने सहरसा के लिए क्या किया ? कोसी विकास संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विनोद कुमार झा एवं संरक्षक प्रवीण आनंद ने बताया कि कार्यक्रम सर्वदलीय, सर्ववर्गीय एवं गैर-राजनीतिक स्वरूप में समाधानपरक संवाद हेतु आयोजित है।इस महापरिचर्चा में शिक्षाविद,चिकित्सक,अधिवक्ता, पत्रकार,सामाजिक कार्यकर्ता,व्यापारी,उद्योग प्रतिनिधि,युवा-छात्र,महिला प्रतिनिधि तथा किसान, मजदूर सहित विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे।
मुख्य विषय क्या खोया, क्या पाया हमारा सहरसा । साथ ही शिक्षा व्यवस्था, युवाओं का पलायन, रोजगार एवं उद्योग की कमी पर भी विचार होगा।
बाढ़ की समस्या,आधारभूत संरचना,नगर विकास एवं प्रशासनिक चुनौतियाँ चर्चा के केंद्र में रहेंगी। सहरसा से विभिन्न संस्थानों के हटने या दायरा सीमित होने तथा घोषित मेडिकल कॉलेज कार्य प्रारंभ नहीं होने पर भी चिंतन किया जाएगा।
शहर के एकमात्र सुपर बाजार की जीर्ण अवस्था और उसके पुनरुद्धार की आवश्यकता पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में ओपन हाउस के माध्यम से प्रतिभागियों के सुझाव लिए जाएंगे तथा सामूहिक संकल्प तैयार होगा।परिचर्चा के निष्कर्षों के आधार पर “सहरसा विजन दस्तावेज” तैयार कर सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया को प्रेषित किया जाएगा। जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों से इस ऐतिहासिक पहल में सहभागिता का आह्वान किया गया है।साथ ही हमें किन किन विषयों को लेकर अगली लड़ाई लड़नी है इस पर भी चर्चा होगी।
रिपोर्टर - अजय कुमार


No Previous Comments found.