17 बिहार बटालियन एनसीसी सहरसा द्वारा युवा आपदा मित्र शिविर में SDRF टीम द्वारा भूकंप राहत और बचाव पर प्रशिक्षण
सहरसा - SDRF का मुख्य काम आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप, आग) के दौरान लोगों को तुरंत बचाना, राहत पहुँचाना और जान-माल की हानि को कम करना है; इसमें बचाव अभियान, प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री वितरण और जागरूकता फैलाना शामिल है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को मदद मिल सके. आज SDRF के टीम द्वारा बताया कि SDRF) भूकंप जैसी आपदाओं में त्वरित राहत और बचाव के लिए प्रतिबद्ध है, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने, चिकित्सा सहायता प्रदान करने और मॉक ड्रिल के माध्यम से तैयारियों को सुनिश्चित करती है। एसडीआरएफ टीम ने बताया कि भूकंप आने पर घबराने के बजाय संयम बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। टीम ने लोगों को सलाह दी कि भूकंप के दौरान मजबूत पलंग, चौकी या टेबल के नीचे शरण लें और सिर व शरीर को सुरक्षित रखें। घर के भीतर सुरक्षित स्थानों और आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी पहले से होना भी आवश्यक बताया गया।अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि भूकंप रुकने के बाद खुले स्थान में निकलना चाहिए। साथ ही, बिजली के खंभों, पेड़ों और जर्जर भवनों से दूर रहने की हिदायत दी गई।घायलों को अस्पताल पहंुचाए जाने के पूर्व चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं यथा रक्तस्राव नियंत्रण तकनीक, हृदयाघात के तुरन्त बाद दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार, हड्डी टूटने के बाद प्राथमिक उपचार के तौर पर खरपच्ची लगाने की तकनीक तथा घायलों को ले जाने की अलग अलग तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही cadets से इस उपयोगी प्रशिक्षण का अभ्यास भी करवाया गया।SDRF के हवलदार राजकिरण प्रसाद, सुबोध कामत, प्रमोद कुमार राम, सदाम हुसैन, विकास कुमार, राजवर्धन कुमार, पूजा कुमारी, प्रेमचंद्र शर्मा, रुपेश कुमार, उमेश कुमार, कमलेश कुमार शर्मा, गौरव कुमार, देव कुमार, सुप्रिया कुमारी, रितेश कुमार,दर्मेन्द्र कुमार परीक्षण दे रहें है।
रिपोर्टर : अजय कुमार

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