शिक्षिका बबीता ने महादलित बस्ती की महिलाओं को चौपाल के माध्यम से शपथ दिलाकर जागरूक की
सहरसा : सरायगढ़ पंचायत के चिकनी गांव के वार्ड नंबर 8 में महादलित बस्ती में बबीता ने महिलाओं को चौपाल लगाकर किया जागरूक। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में बाल विवाह दहेज प्रथा नशा यह सब एक सामाजिक अभिशाप है। जिसको जड़ से मिटाने के लिए हम सबको खुद इस चीज में आगे आना होगा। समाज के सभी वर्गों के लोग जागरुक नहीं होंगे तब तक इस कुरीतियों को हम मिटा नहीं सकेंगे। उन्होंने संकल्प दिलाते हुए कहा कि अपनी बेटियों की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में नहीं करें।18 बरस के बाद और बेटों की 21 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद बच्चों की शादी मान्य होगी। साथ ही उन्होंने सभी महिलाओं को अपने बेटे बेटियों के पल को पढ़ने के प्रति जागरुक करते हुए कहा कि समाज का कोई भी बच्चा पैसा के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी।सरकार द्वारा सरकारी स्कूल में तमाम सुविधाएं मुखिया कराई जा रही है।साथ ही प्रखंड स्तरीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जो ऐसे गरीब बेटियों की किसी न किसी कारण से पढ़ाई बीच में ही छूट गई हो उन्हें वर्ग 6 से लेकर 12वीं तक की निशुल्क शिक्षा के साथ आवासीय व्यवस्था दी गई है। ताकि कोई भी गरीब की बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि संविधान की धारा है किसको के अंतर्गत 6 से 14 आयु वर्ग के शिक्षा उनका मौलिक अधिकार हो गया है।इसीलिए अपने बच्चों को विद्यालय की मुख्य धारा से जोड़ने एवं विद्यालय में मिलने वाली तमाम सुविधाओं से अवगत कराया। साथ ही बच्चों को मोबाइल एवं नशा आदि से दूर करने हेतु मां-बाप को अपने बच्चों के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही गई।साथी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ।सभी महिलाओं ने शपथ लेते हुए कहा कि अपने बेटे और बेटियों की शादी 18 एवं 21 वर्ष पूरी करने पर करेंगे। साथ ही बच्चों को जरूर स्कूल भेजेंगे एवं नशा के खिलाफ हेतु सभी महिलाओं ने शपथ दिलाई गई।इस मौके पर अनोखा देवी रंजू देवी मंजू देवी सतोलिया देवी बेचनी देवी ,लक्ष्मी देवी पुष्पा कुमारी गीता कुमारी लाखों देवी डोमनी देवी, सीता देवी कमलेश्वरी देवी आदि उपस्थित थे।
रिपोर्टर : अजय कुमार

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