सुपर बाजार स्थित विज्ञान भवन को पटना के तारामंडल के तर्ज पर विकसित करने की मांग
सहरसा : कोशी विकास संघर्ष मोर्चा ने सहरसा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग किया कि सुपर बाजार स्थित विज्ञान भवन, जो कभी कोशी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र था, आज उपेक्षा और लापरवाही का शिकार होकर बंद पड़ा है।ज्ञात हो कि वर्ष 2007 में तत्कालीन स्थानीय विधायक श्री संजीव कुमार झा और तत्कालीन विज्ञान मंत्री अनिल कुमार के प्रयासों से इस विज्ञान भवन का निर्माण किया गया था, ताकि कोशी क्षेत्र के बच्चों को विज्ञान की आधुनिक शिक्षा मिल सके। प्रारंभिक दिनों में यह भवन बच्चों के लिए विज्ञान सीखने का प्रमुख केंद्र बना, लेकिन बाद में सभी आवश्यक उपकरणों को हटा दिया गया और भवन को निष्क्रिय कर दिया गया।कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विनोद कुमार झा और संरक्षक श्री प्रवीण आनंद (पूर्व जिला पार्षद) ने कहा कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि कोशी क्षेत्र के लाखों बच्चों के सपनों का केंद्र है, जिसे पुनर्जीवित करना समय की मांग है।
मोर्चा यह मांग करता है कि सुपौल बाजार स्थित इस विज्ञान भवन को पटना के तारामंडल की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि बच्चों को विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीकी शिक्षा का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सके।
यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो कोशी विकास संघर्ष मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
मुख्य मांगें:
1. विज्ञान भवन का तत्काल जीर्णोद्धार एवं पुनः संचालन।
2. आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था।
3. इसे पटना तारामंडल के तर्ज पर विकसित किया जाए।
4. स्थानीय छात्रों के लिए नियमित शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए जाएं।
अंत में, मोर्चा सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह करता है कि कोशी क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर अविलंब निर्णय लिया जाए ।
रिपोर्टर : अजय कुमार


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