रमजान उल मुबारक के अंतिम दिन अकीदत के साथ पढ़ी गई अलविदा जुमा की नमाज
सहरसा : पूरे देश में 19 फरवरी से शुरू रमजान उल मुबारक के इस पाक महीने के आखिरी जुमा को अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। सहरसा बस्ती के जमा मस्जिद के मौलाना मुफ्ती मोहम्मद साजिद कासमी ने बताया कि रमजान उल मुबारक के इस आखिरी जुमा में लोगों की तादाद काफी संख्या में देखी जाती है। इसका कारण यह है कि इस रमजान के आखिरी जुमा भी कहा जाता है और इस जुम्मे की खास बात भी है जिस से लोग इस दिन अपनी गुनाहों से मगफिरत मांगते हैं।उन्होंने यह भी बताया कि इस बार रमजान में पूरे 30 रोजा हो रहा है जो लोगों के लिए बहुत ही बेहतरीन बात है।उन्होंने बताया कि रोजा रखने से लोगों को बहुत सारे फायदे भी होते हैं।इससे जिस्मानी व रूहानी ताकत मिलती है।रोजा न केवल आत्मसंयम और धैर्य की परीक्षा है,बल्कि यह अल्लाह से निकटता प्राप्त करने का मार्ग है।कुरआन में कहा गया है अल्लाह के निकट एकमात्र स्वीकार्य धर्म इस्लाम है।इतिहास गवाह है कि प्रारंभ से ही विभिन्न धर्मों में रोजा को महत्व दिया गया है।रोजा रखने से इंसान में तकवा धैर्य और परहेजगारी संयम विकसित होता है।जब व्यक्ति भूख और प्यास सहन करता है, तो उसे उन लोगों की पीड़ा का एहसास होता है,जो अभाव में जी रहे रहे हैं.इससे दयालुता और सहानुभूति की भावना उत्पन्न होती है। आधुनिक मेडिकल साइंस भी इस बात की पुष्टि करता है कि रोजा रखने से स्वास्थ्य बेहतर होता है।उपवास के दौरान शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त होने का अवसर मिलता है। जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और मानसिक स्थिरता बढ़ती है। इस्लाम में जकात एक महत्वपूर्ण सामाजिक व्यवस्था है,जो गरीबी को दूर करने व समाज में आर्थिक संतुलन बनाए रखने का कार्य करती है।प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपनी आमदनी का ढाई प्रतिशत गरीबों को दान करता है। कुरआन में जहां-जहां नमाज का उल्लेख किया गया है।वहीं जकात,और फितरा देने की भी बात कही गयी है।रमजान उल मुबारक हम सभी मिलकर अल्लाह पाक से दुआ फरमाए सभी की मग़फ़िरत, फरमाए सेहतमंद बख्श दे आग से खलासी एवं सभी की जिंदगी में रहमत बरकत खुशहाली,तरक्की हो अल्लाह पाक से सभी के लिये दुआ करता है।इसमे मौजूद मोजिन मो सलीम, मो जकी हुसैन,मो दिलवहार ,मो इम्तियाज,मो अजहरुद्दीन,डा लुतफुल्लाह,मो मुजाहित,मो शौकत,मो सरफराज,मो सदरे सहित अन्य मौजूद रहें।
रिपोर्टर : अजय कुमार

No Previous Comments found.