रामनवमी मेला समिति पंचवटी द्वारा विशाल व भव्य शोभायात्रा का आयोजन
सहरसा : श्री रामनवमी मेला समिति पंचवटी चौक पर विगत 45 वर्षों से भव्य मेला का आयोजन किया जाता है।वही इस अवसर पर विशाल एवं भव्य शोभा यात्रा का आयोजन कर नगर भ्रमण किया जा रहा है।इस दौरान रथ पर श्रीराम, लक्ष्मण,सीता, हनुमान एवं भगवान भोलेनाथ की दिव्य झांकी का भी आयोजन किया गया।स्थानीय पंचवटी सहरसा में सन 1981ई० से विराट श्री रामनवमी मेला का आयोजन होता रहा है, गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विराट श्री रामनवमी मेला का आयोजन किया गया है, इसके संस्थापक श्री रमेश चंद्र यादव हैं। मेला में अपराह्न 4:00 बजे भव्य शोभा यात्रा संयोजक कुन्दन वर्मा के नेतृत्व में निकाला गया। शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान के नाट्य निर्देशक सह सदस्य श्री रामनवमी मेला समिति पंचवटी सहरसा के अभिनेता सह नाट्य निर्देशक कुन्दन वर्मा ने बताया कि मेला का उद्घाटन कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा द्वारा रिबन काट कर किया गया। उसके उपरांत कुन्दन वर्मा के संयोजन में शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें विशेष आकर्षण झांकी रही। राम की भूमिका में प्रेम कुमार, सीता की भूमिका में प्राश्री सिंह, लक्ष्मण की भूमिका में जयंत कुमार, विश्वामित्र की भूमिका में लक्ष्य वर्मा, वशिष्ठ ऋषि अंश कुमार, हनुमान की भूमिका में मयंक कुमार थे।शोभा यात्रा पंचवटी चौक, इस्लामिया चौक, पॉलिटेक्निक, तिवारी टोला, हटिया गाछी, पूरब बाजार, शंकर चौक, कपड़ा पट्टी, महावीर चौक, कचहरी ढाला, बंफर चौक होते हुए पंचवटी चौक पर समाप्त हुई।शोभा यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। झांकी देखने के लिये लोग सडक किनारे खडे हो भगवान श्रीराम के जयकारे लगाकर पुष्प की वर्षा करते रहें। संस्थापक रमेश यादव के नेतृत्व में अन्य वर्षों की भांति पंचवटी चौक पर मेले का भी आयोजन किया गया। रामनवमी मेला समिति पंचवटी के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र यादव के अध्यक्षता में उद्घाटन जिला कला संस्कृति पदाधिकारी श्रीमती स्नेहा झा ने फीता काटकर किया गया।तत्पश्चात अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह चमन की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई।सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ गौतम कुमार के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र यादव ने कहा कि पंचवटी मेला समिति द्वारा वर्ष 1981 ई से रामनवमी मेला का आयोजन किया जा रहा है। हम सभी भगवान राम के अनुयायी हैं। उनके जन्म उत्सव पर भगवान राम के जीवन आदर्श और मर्यादा को अपने आचरण में उतारकर सशक्त समृद्ध समाज निर्माण का संकल्प ले। सनातन धर्म के उत्थान हेतु भगवान राम ने सीमा पर आतंकवाद को समाप्त कर जड़ से समूल नष्ट करने का काम किया। उन्होंने लंका पर विजय प्राप्त कर धर्म की स्थापना किया। मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में मर्यादा स्थापित की। हम अपने अंतःकरण मे कलुषित विचार को आने ना दें।सभी समाज के लोगों को साथ लेकर अनुशासन के साथ राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने कहा कि भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को हुआ था जिसके कारण रामनवमी का त्योहार धूमधाम से भक्ति में वातावरण में मनाया जा रहा है। भगवान राम का जीवन एक आदर्श शिष्य,आदर्श बेटा, आदर्श पति, आदर्श राजा एवं मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में आज भी अनुकरणीय है ।हम अपने जीवन में जीवन के हर क्षेत्र में मर्यादित व्यवहार करनी चाहिए। हमारी सभ्यता संस्कृति हमें सामाजिक समरसता के लिए प्रेरित करती है।राम सदृश जीवन के हर क्षेत्र में मर्यादित व्यवहार ही सनातन संस्कृति का मूलमंत्र है। भगवान राम की कृपा हम सब पर बनी रहे यही शुभकामना है।
रिपोर्टर : अजय कुमार

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