दिल्ली एनसीआर नोएडा एवं हरियाणा में मजदूरों पर जानलेवा हमले के विरुद्ध प्रधानमंत्री का पुतला दहन

सहरसा : भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) द्वारा आज शारदा नगर बटराहा स्थित सीटू कार्यालय से मजदूरों का मार्च निकाला गया और चांदनी चौक पर पुतला दहन करते सभा की गई।इस अवसर पर बोलते हुए किसान सभा के प्रांतीय संयुक्त सचिव रणधीर यादव ने बताया कि पूरे दिल्ली एन सी आर में केंद्र सरकार और उसकी हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार द्वारा  लगातार मजदूरों पर हमले हो रहे हैं। उनके घरों पर छापे पड़ रहे हैं। परिवार के लोगों को डराने धमकाने का काम हो रहे हैं और किसी भी तरीके से आंदोलन में मजदूर शामिल नहीं हो।उनके जनतांत्रिक अधिकारों को छीनने का काम किये जा रहे हैं। जब नोएडा और गुड़गांव में वाजिब मजदूरी के सवाल पर मजदूरों का बड़े पैमाने पर स्वत:स्फूर्त आंदोलन हुए।तो औद्योगिक घरानों के कानो तक आवाज गई कि अब मजदूर 26 हजार रुपए प्रति माह न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहे हैं। 8 घंटे काम के अधिकार के लिए संघर्ष पर उतारू है। इतना ही नहीं मजदूरों  को मिलने वाले सभी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इसके पहले सीटू ने कई बार अपने आंदोलन के माध्यम से इन मांगों को उठाया। लेकिन सरकार तथा प्रशासन के सहयोग से औद्योगिक घरानों ने मांगों को हमेशा ठुकराने का काम किया है । पूरे दिल्ली एनसीआर में मजदूरों के अंदर मजदूरी के सवाल पर इतने बड़े अंतर हैं ।जिसको ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जब दिल्ली में 18 हजार रुपए न्यूनतम मजदूरी है। तो नोएडा में 12 हजार और गुड़गांव में 13 हजार रुपए क्यों है। सरकारें मजदूरी की इस खाई को मिटाने का कार्य नहीं कर रही है। यही कारण है कि आज दिल्ली एनसीआर में मजदूरों की आवाज वर्ग संघर्ष के आधार पर दिखने लगी है। सीटू के जिला सचिव नसीमुद्दीन के ने बताया कि नोएडा जिला के सीटू के अध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ,जिला सचिव राम स्वार्थ तथा अन्य सीटू के नेताओं को हाउस अरेस्ट करके रखा गया है। पुलिस की संगीनों से मजदूरों के जायज मांगों को दबाने का काम किया जा रहा है।

सीटू नेता सह रसोईया युनियन के महासचिव ब्यास प्रसाद यादव ने कहा कि नोएडा के पूर्व सीटू नेता मदन प्रसाद जो अपने घर बैरिया में हैं।उनको 2 बजे रात्री में नोएडा पुलिस मोबाइल से धमकी दिया गया।जो वर्षों से अपने घर पर रह रहे हैं।लग रहा है कि देश में आपातकाल लागू कर मजदूरों के आंदोलन और अभिव्यक्ति के अधिकारों को छीना जा रहा है।डीवाईएफआई जिला सचिव कुलानन्द कुमार ने पुलिस तथा उद्योगपतियों के इस मजदूर विरोधी कार्रवाई की कड़ी शब्दों में निंदा करते हुए मजदूरों के वाजिब मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की है।पुतला दहन में रणधीर यादव, नसीमुद्दीन ब्यास प्रसाद यादव, कुलानन्द कुमार के अलावे मनोज शर्मा, मुर्शीद आलम, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद इनामुल, मोहम्मद अमजद, मोहम्मद खुर्शीद, सुशील पासवान आदि प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।

रिपोर्टर : अजय कुमार

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