आंतरिक समिति के बाह्य सदस्य बनी ज्योति विवेकानंद संस्थान के प्रबंध निदेशक श्रीमती ज्योति मिश्रा
सहरसा : कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम, 2013 के अनुरूप सभी विभागों में आंतरिक समिति का गठन किया जाना है। परंतु जहाँ कार्यस्थल के कार्यालय या प्रशासनिक यूनिटें, भिन्न-भिन्न स्थानों या खंड या उपखंड स्तर पर अवस्थित है, वहाँ आंतरिक समिति सभी प्रशासनिक यूनिट या कार्यालय में गठित की जाएगी। आंतरिक समिति, नियोजक द्वारा नाम निर्देशित किए जाने वाले निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनेगी, अर्थात एक पीठासीन अधिकारी, जो कर्मचारियों में से कार्यस्थल पर ज्येष्ठ स्तर पर नियोजित महिला होगी।वही कर्मचारियों में से दो से अन्यून ऐसे सदस्य, जो महिलाओं की समस्याओं के प्रति अधिमानी रूप् से पतिबद्ध है या जिनके पास सामाजिक कार्य में अनुभव है या विधिक ज्ञान है।साथ ही गैर-सरकारी संगठनों या संगमों मेंसे नियुक्त किए गए सदस्य को आंतरिक समिति की कार्यवाहियां करने के लिए नियोजक द्वारा ऐसी फीसें या भत्ते, जो विहित किए जाएं, सदंत्त किए जाएंगे। उपरोक्त के आलोक में जिला पंचायत कार्यालय में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाता गया।जिसके अंतर्गत जिला पंचायत राज पदाधिकारी सुनैना कुमारी आंतरिक समिति के पीठासीन अधिकारी व अध्यक्ष,सोनवर्षा प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी श्रीमती पिंकी कुमारी आंतरिक समिति के सदस्य, जिला पंचायत कार्यालय सहायक प्रशासी पदाधिकारी बीबी शहनाज बेगम आंतरिक समिति के सदस्य एवं आंतरिक समिति के बाह्य सदस्य ज्योति विवेकानंद संस्थान के प्रबंध निदेशक श्रीमती ज्योति मिश्रा को बनाया गया है।अतः महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम, 2013 की प्रति संलग्न करते हुए उपरोक्त पदाधिकारी, कर्मी एवं N.G.O. को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से महिलाओं के संरक्षण के लिए उक्त उपबंध के आलोक में अपेक्षित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
रिपोर्टर : अजय कुमार


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