युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम में 150 छात्र-छात्राओं को मिला मिल रहा प्रशिक्षण

सहरसा : बीते 18 अप्रैल से स्थानीय टीपी कॉलेज महाविद्यालय सभागार भवन में आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं को गला में फंसा सिक्का या कोई अन्य वस्तु को निकालने का तरीका, धुंआ में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकलने का तरीका, ट्रामा के मामले में पीड़ित व्यक्ति को खपच्ची बांधने का तरीका सहित कई अन्य आपदाओं से बचने के तरीके सिखाए गए।इस दौरान पटना से पहुंची एसडीआरएफ की टीम जहां छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण देते दिखे। वही महाविद्यालय प्राचार्य प्रो (डॉ) कैलाश प्रसाद यादव, महाविद्यालय अर्थपाल डॉ रत्नदीप, परीक्षा नियंत्रक डॉ कुमार गौरव, एनएसएस समन्वयक डॉ राकेश कुमार, डॉ मिंटू कुमार मेनन, महाविद्यालय असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ चंद्रदीप यादव, डॉ विजय कृष्ण के साथ विमेंस कॉलेज एनएसएस पदाधिकारी डॉ नीलू कुमारी, अंकिता कुमारी और पटना से पहुंचे एसडीएमए ऑनलाइन डाटा इंचार्ज रौशन कुमार पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करते दिखे। साथ ही भूपेंद्र नारायण विश्वविद्यालय मंडल विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ अशोक कुमार सिंह और एनएसएस पदाधिकारी विवेक कुमार लगातार प्रशिक्षण का मॉनिटरिंग करते हुए दिखे।एसडीआरएफ के प्रशिक्षक एसएचसी कौशल कुमार,सीटी योगेश सिंह, पंकज कुमार, राजीव कुमार, चंदन कुमार और धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि अब तक तीन दिन का प्रशिक्षण सत्र समाप्त हो चुका है। जिसमें 150 से अधिक बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया है। उनके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में बाढ़ से बचने के उपाय, घरेलू संसाधन से ऐसी वस्तु का निर्माण करना जो पानी में तैरता हो, जिन्हें राफ्ट कहते हैं। उसके निर्माण करने के तरीके की जानकारी दी गई। साथ ही आपदा में फंसे व्यक्ति का ब्लड कंट्रोल करना, पीएचटी करना, प्राथमिक उपचार देना, बेहोश व्यक्ति को होश में लाने के तरीके, किसी के गला में फंसे हुए सिक्का या कोई व्यक्ति वस्तु को निकालने का तरीका, सीपीआर देना, घायल व्यक्ति का लिफ्टिंग करना या उन्हें सुरक्षित बाहर निकलना, धुएं में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकलना सहित अन्य आपदा से बचने के उपाय बताए गए। सभी छात्र-छात्राएं काफी मेहनत से प्रशिक्षण ले रहे हैं। 

वही महाविद्यालय प्राचार्य प्रो (डॉ) कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि कुल 150 से अधिक बच्चों के रहने-खाने और प्रशिक्षण लेने की सभी संसाधन उपलब्ध है। साथ ही बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक चिकित्सा की भी सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। कार्यक्रम काफी सफलता से चलाई जा रही है।महाविद्यालय अर्थपाल डॉ रत्नदीप ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास तो होता ही है। साथ ही आपदा में स्वयं अपना और अपने आसपास के लोगों के बचाने में भी सफल होंगे।मौके पर सीनेट सदस्य डॉ दीपक कुमार राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मिथिलेश कुमार, डॉ शहरयार अहमद, डॉ मनोज कुमार ठाकुर, महाविद्यालय कर्मी मनीष कुमार, अकाउंटेंट हामिद राजा, बड़ा बाबू नारायण ठाकुर, विनोद कुमार, धीरेंद्र ठाकुर, सुनील, मोती, गणेश, लाल बहादुर, राधे यादव सहित अन्य कर्मी सहयोग देते हुए दिखे।

रिपोर्टर : अजय कुमार

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