बिहार में शंकर आई हॉस्पिटल का शंकराचार्य ने उद्घाटन किया
सहरसा : तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटि पीठ के वर्तमान (70वें) शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामीगल सहरसा स्थित श्री नारायण मेडिकल इंस्टिट्यूट एंड हॉस्पिटल परिसर में देश के प्रतिष्ठत शंकरा आई हॉस्पिटल का उद्घाटन गुरुवार को किया गया।इस अवसर पर श्री कांची कामकोटि पीठम के परम पावन जगद्गुरु श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामीजी ने अपनी पवित्र उपस्थिति से हॉस्पिटल और उसके कर्मचारियों को आशीर्वाद दिया।गुरुवार को शंकर आई हॉस्पिटल में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज संसद सदस्य जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, तथा जिले की महापौर श्रीमती बेन प्रिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस अवसर को सुशोभित किया। आरईसी लिमिटेड, नई दिल्ली के निदेशक परियोजनाएं टीएससी बोस और आरईसी लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक श्री नारायणन तिरुपति ने अस्पताल के उपकरणों को समर्पित किया। सहरसा स्थित श्री नारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल के संस्थापक और प्रबंध न्यासी आर के सिंह और श्रीमती कामेश्वरी कुमारी ने, शंकर आई हॉस्पिटल के प्रबंध न्यासी एस विश्वनाथन और सचिव व न्यासी विंग कमांडर वी शंकर सेवानिवृत्त के साथ मिलकर, संयुक्त रूप से शंकर आई हॉस्पिटल को बिहार की जनता को समर्पित किया।इससे पहले शंकराचार्य ने महिषी मंडन मिश्र के जन्मस्थल पर धरती को नमन कर आम श्रद्धालु को अपना आर्शीवचन दिया।साथ ही महिषी वेद विद्या अध्ययन केंद्र के वेदपाठी छात्र छात्राओ नें वेदमंत्र व स्वस्ति वाचन कर स्वागत किया गया।इस अवसर पर शंकरा आई हॉस्पिटल के मुख्य ट्रस्टी विश्वनाथन पम्माल ने कहा कि शंकर आई हॉस्पिटल में विश्व का सबसे महंगा और अच्छा इक्विपमेंट लगाया गया है। जिसके अंतर्गत 75% निशुल्क एवं मात्र 25% चार्ज लिया जाएगा जिसके खर्चे से चलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह चेन्नई में डेढ़ सौ किलोमीटर पर भीतर 40 विजन सेंटर बनाए गए हैं ।जहां लोगों को आंख संबंधी सभी प्रकार के बीमारियों का जांच किया जा रहा है। उसमें गंभीर बीमारी पाए जाने पर सर्जरी के लिए मुख्य अस्पताल भेजा जाता है। ग्रामीण लोगों को अस्पताल जाने में गरीबी के कारण काफी परेशानी एवं खर्च का सामना करना पड़ता है लेकिन अब गरीबों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वहां भेजकर उन्हें निशुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी। जनार्दन सिग्रीवाल ने कहा कि बिहार समेत नेपाल के तराई क्षेत्र के लोगों को अब आंख कि गंभीर बिमारियों का ईलाज कराने चेन्नई आदि जगहों पर नहीं जाना पड़ेगा। संकरा आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से आधुनिक तकनिकों का इस्तेमाल कर आंख के गंभीर बीमारीयों का ईलाज किया जाएगा।वही बिहार समेत नेपाल के तराई क्षेत्र के लोगों को अब आंख कि गंभीर बिमारियों का ईलाज कराने चेन्नई आदि जगहों पर नहीं जाना पड़ेगा। संकरा आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से आधुनिक तकनिकों का इस्तेमाल कर आंख के गंभीर बीमारीयों का ईलाज किया जाएगा। इस अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि मानव के सुखी जीवन के लिए शरीर बुद्धि मन के विकास के लिए भारतीय आयुर्वेद काम कर रहा है। मंत्र के माध्यम से ईश्वर से कनेक्टिविटी होता है।उन्होंने कहा कि भौतिक विकास सहरसा में तो धार्मिक विकास महिषी में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व में मुख्य देश बन गया है क्योंकि भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश है।भारत के प्रति देशभक्ति का भाव को बढ़ावा देना विश्व शांति के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नदी में सेतु बांधकर सेतु के समान देश के सभी राज्यों एवं जिलों का विकास सेतु बनाना है। प्राचीन धर्मस्थल एवं तीर्थ स्थल का विकास किया जा रहा है।इसके अंतर्गत कंदाहा सूर्य मंदिर का भी विकास होगा ।उन्होंने कहा कि विनम्रता के साथ भारतीय परंपरा आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि विद्या अभ्यास सही औषधि हस्तकला शिल्प कला विद्या का दान आवश्यक है ।गरीबों के लिए समदृष्टि विश्व दृष्टि स्वार्थ रहित प्रजा के हित में सेवा करना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केरल में जन्म लेकर देश के चारों कोनों में शंकराचार्य ने देश को एकता का संदेश दिया। भारतीय परंपरा एवं सनातन परंपरा के साथ-साथ आधुनिक विकास भी जरूरी है। शंकराचार्य ने कहा कि मैथिली मधुर भाषा है। मिथिला का विकास अवश्य होनी चाहिए। अंग्रेजी भाषा सिर्फ नौकरी के लिए जरूरी है जबकि मैथिली घर का आधार कार्ड है ।घर में अपनी संवाद मातृभाषा मैथिली में ही करें। उन्होंने कहा कि संपूर्ण देश में बिहार के आईएस एवं आईपीएस भरे पड़े हैं जिन्हें बिहार के विकास के लिए अपना सहयोग अवश्य देना चाहिए ।उन्होंने कहा कि सहर्ष के साथ सहरसा में आज अस्पताल का शुभारंभ हुआ है। वही पटना में भूमि पूजन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के गुवाहाटी उड़ीसा सहित अन्य जगहों पर शंकर अस्पताल चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 2 करोड़ से अधिक लोगों की जांच संभव हुई है। वही 4 लाख लोगों के सर्जरी हुई है। इस मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि धर्म समाज सेवा एक साथ होना है। सनातन धर्म में बिना किसी भेदभाव के मानव एवं प्राणी मात्र की सेवा की जाती है। जो कि किसी अन्य धर्म में नहीं देखा जाता है ।सनातन धर्म सर्वे भवंतु सुखिनः के मंत्र से चलायमान है जबकि दूसरे धर्म में धर्म परिवर्तन के लिए खर्च किए जाते हैं ।उन्होंने कहा कि कर्मकांड संस्कृति संगीत एवं उपासना के साथ धर्म का संबंध समाज सेवा से है।
रिपोर्टर : अजय कुमार


No Previous Comments found.