मौलाना साजिद रशीदी का विवादित बयान, बोले- इस्लामिक कानून से ही रुकेगा रेप
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने देश में अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक देश में इस्लामिक कानून लागू नहीं होगा, तब तक देश सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने दुष्कर्म जैसे अपराधों को रोकने के लिए शरिया कानून लागू करने की वकालत की।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि रेप करने वाले व्यक्ति को चौराहे पर फांसी देने जैसी सख्त सजा दी जानी चाहिए। उनका दावा है कि ऐसी कड़ी सजा से अपराधियों में डर पैदा होगा और दुष्कर्म की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
उन्होंने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आज तीन और पांच साल की बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में अपनी बच्चियों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
रशीदी ने महिलाओं के घर से बाहर निकलने और काम करने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आजादी और नौकरी के नाम पर महिलाओं को घर से बाहर निकालने की कोशिशों से दिक्कतें पैदा हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि पुरुष और महिला की भूमिकाओं को लेकर प्रकृति की अपनी व्यवस्था है और महिलाओं को घर संभालने तथा बच्चों की देखभाल करने पर ध्यान देना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने केरल के मौलाना एपी अबूबकर मुसलियार के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं के घर में रहने और सार्वजनिक मंचों पर नहीं आने की बात कही थी। साजिद रशीदी ने कहा कि अगर महिलाओं को सुरक्षित रखना है तो इस्लाम में बताए गए सख्त कानूनों को लागू किया जाना चाहिए।
मौलाना साजिद रशीदी के इन बयानों के बाद महिलाओं की स्वतंत्रता, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। उनके बयान में मौजूदा भारतीय कानून व्यवस्था की जगह धार्मिक कानून लागू करने की वकालत की गई है, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
No Previous Comments found.