समाजवादी पार्टी के विधायक रमाकांत यादव को 9 साल पुराने मामले में सजा
पूर्वांचल के बाहुबली नेता और समाजवादी पार्टी के विधायक रमाकांत यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें 9 साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने और चक्काजाम करने के मामले में एक साल जेल की सजा और 2700 रुपये जुर्माना सुनाया है। इस समय रमाकांत यादव फर्रुखाबाद जेल में गैंगस्टर एक्ट और जहरीली शराब बनाने के आरोप में बंद हैं।
रमाकांत यादव आजमगढ़ की फूलपुर-पवई विधानसभा सीट से विधायक हैं और पूर्वांचल की राजनीति में अपनी खास पहचान रखते हैं। शेर-ए-पूर्वांचल और आरकेवाई नाम से मशहूर रमाकांत यादव का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन सियासी पकड़ अब भी मजबूत है।
राजनीतिक सफर
-1985 में राजनीति में कदम रखा और फूलपुर-पवई विधानसभा सीट से पहली जीत हासिल की।
-लगातार तीन बार विधानसभा में जीतने के बाद 1996 में आजमगढ़ से सांसद बने।
-करियर में कई बार पार्टी बदल चुके हैं—2004 में बसपा, 2008 में बीजेपी, 2019 में कांग्रेस और 2022 में फिर समाजवादी पार्टी में लौटे।
-परिवार भी राजनीति में सक्रिय रहा है—भाई उमाकांत यादव पूर्व सांसद और बेटे अरुण कुमार यादव भी फूलपुर-पवई से विधायक रह चुके हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 3 फरवरी, 2016 का है। उस समय ब्लॉक प्रमुख चुनाव के मद्देनजर पुलिस जिले में वाहनों की जांच कर रही थी। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी चौक पर पुलिस ने जयप्रकाश यादव उर्फ मंशा यादव के वाहन से लगभग दो लाख रुपये नकद बरामद किए। जयप्रकाश को हिरासत में लेने के बाद यह जानकारी रमाकांत यादव को मिली। इसके बाद वह लगभग 250 समर्थकों के साथ अंबारी चौकी पहुंचे और पुलिस पर दबाव बनाया। समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे चौक पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने रमाकांत यादव और अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। अब स्पेशल मैजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए की कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है और एक साल जेल व 2700 रुपये जुर्माना सुनाया है।

No Previous Comments found.