समस्तीपुर उदयनाचार्य रोसड़ा कॉलेज,रोसड़ा में विकासोन्मुख आंतरिक बैठक सम्पन्न
समस्तीपुर : 14 फरवरी को महाविद्यालय में प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ) संजय झा के नेतृत्व में सभी शिक्षकगण एवं कर्मचारियों की एक विस्तृत आंतरिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से आरम्भ हुआ ।यह बैठक महाविद्यालय के समग्र शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संरचनात्मक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
छात्र-केंद्रित शिक्षा पर विशेष बल
बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु छात्र एवं छात्राएँ रहे। प्रधानाचार्य महोदय ने स्पष्ट रूप से कहा कि महाविद्यालय की पहचान उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संतुष्टि से होती है।
नियमित एवं समयबद्ध वर्ग संचालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
प्रत्येक विभाग को उपस्थिति, पाठ्यक्रम पूर्णता एवं आंतरिक मूल्यांकन की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया।
विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु विभागीय स्तर पर परामर्श व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
महाविद्यालयीय अनुशासन एवं स्वच्छता
महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर गंभीर चर्चा हुई।
परिसर में स्वच्छता अभियान को नियमित रूप से चलाने का प्रस्ताव पारित हुआ।
प्रत्येक विभाग को अपने कक्ष एवं कार्यालय की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट दायित्व सौंपे गए।
प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यप्रणाली को अनिवार्य बताया गया।
“विषय गर्व दिवस” मनाने का निर्णय"
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग अपने विषय की ऐतिहासिक परंपरा, उपलब्धियों एवं वर्तमान प्रासंगिकता को प्रदर्शित करने हेतु “विषय गर्व दिवस” आयोजित करेगा। इससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति आत्मीयता एवं गौरव की भावना विकसित होगी तथा अकादमिक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिलेगा।
विभागीय सुदृढ़ीकरण एवं नई नियुक्तियाँ
विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए तीन नए संकायाध्यक्षों की नियुक्ति की गई। इनकी जिम्मेदारी होगी—
विभागीय समस्याओं की पहचान एवं समाधान,
शैक्षणिक कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन,
शोध एवं सेमिनार गतिविधियों को बढ़ावा देना।
अकादमिक विस्तार एवं शोध गतिविधियाँ
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि—
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों, कार्यशालाओं और व्याख्यानमालाओं का नियमित आयोजन किया जाएगा।
पूर्ववर्ती छात्रों (Alumni) को महाविद्यालय से जोड़कर उनके अनुभवों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को दिया जाएगा।
शोध कार्यों एवं प्रकाशनों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो।
संस्थागत सहयोग
इस अवसर पर डॉ भोला झा रिसर्च फाउंडेशन के प्रतिनिधि भोला झा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाविद्यालय एवं फाउंडेशन के मध्य स्थायी सहयोग (Collaboration) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस सहयोग के माध्यम से—
संयुक्त शोध परियोजनाएँ,
अकादमिक संगोष्ठियाँ तथा शिक्षक-शोधार्थी उन्नयन कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश
प्रधानाचार्य महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय की प्रगति सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी को अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान को उसके गौरवपूर्ण नाम के अनुरूप पुनः उत्कृष्टता के शिखर पर स्थापित करना हम सबका लक्ष्य है।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि “एकता में ही बल है” — और इसी भावना से कार्य करते हुए महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।
यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टि से, बल्कि शैक्षणिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखी जा रही है।
इस कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान के डीन डॉ विनय कुमार , विज्ञान के डीन डॉ निविद्ध चंद्र , तथा मानविकी के डीन डॉ प्रवीण कुमार प्रवजन ने भी अपनी बात रखी।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनुराग कुमार ने किया।
रिपोर्टर : प्रवीण प्रकाश


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