संकुल संचालक की मनमानी, DEO का अधिकार हड़पकर खुद बांट दिए प्रतिनियोजन
समस्तीपुर/उजियारपुर : प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया गया है। राजकीय मध्य विद्यालय, चैता उतरी संकुल संसाधन केन्द्र, रामाज्ञा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संचालक ने सारी हदें पार करते हुए DEO समस्तीपुर का अधिकार ही हड़प लिया। 29 अप्रैल को खुद ही 4 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का फरमान जारी कर दिया।
कैसे उड़ाई नियमों की धज्जियां:
पत्र में संचालक ने BEO को संबोधित कर खुद ही लिख डाला – "प्रतिनियोजित किया जाता है"। जनगणना के कारण बताकर 4 शिक्षकों को म0वि0 चैता में बुला लिया। जबकि नियमानुसार एक अदद चपरासी की प्रतिनियुक्ति का अधिकार भी CRC संचालक के पास नहीं है, फिर ये तो पूरे-पूरे 4 शिक्षक हैं।
कुर्सी का नशा या मिलीभगत:
चर्चा है कि संचालक खुद को DEO से कम नहीं समझते। BDO के नाम का भी रौब दिखाते हैं। स्कूल में 377 नामांकन में 250 बच्चे रोज आते हैं, फिर भी बहाना बनाकर दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को बुला लिया गया। क्या संचालक को पता नहीं कि प्रतिनियुक्ति का अधिकार सिर्फ DEO के दस्तखत से होता है?
BEO ने लिया संज्ञान:
BEO डॉ. प्रभात रंजन ने C News भारत से कहा कि "मामला संज्ञान में आया है। जिन शिक्षकों और संचालक ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पत्र जारी किया है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। नियमानुसार कार्रवाई होगी। किसी को मनमानी की छूट नहीं है।"
शिक्षा प्रेमियों में उबाल:
नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि "संचालक का रवैया तानाशाही वाला है। DEO बनने का शौक है तो परीक्षा पास करके बनें, फर्जी पत्र क्यों निकालते हैं?" समाजसेवियों ने पूछा कि "क्या शिक्षा विभाग में अराजकता का राज है? मंत्रालय बताए किसने दी इन्हें इतनी पावर?"
रिपोर्टर : डॉ. प्रवीण प्रकाश

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