चैता स्वास्थ्य उप केन्द्र भगवान भरोसे, लाखों के कंप्यूटर-दवा असुरक्षित
समस्तीपुर/उजियारपुर : प्रखंड के चैता स्वास्थ्य उप केन्द्र की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते लाखों रुपए के कंप्यूटर, दवा व अन्य कीमती सामान रात होते ही असुरक्षित हो जाते हैं।
कैसे असुरक्षित है स्वास्थ्य उप केन्द्र:
बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राइवेट एजेंसी के माध्यम चार डे-गार्ड तो नियुक्त किए गए हैं, लेकिन रात्रि प्रहरी के लिए एक भी गार्ड नियुक्त नहीं किया गया है। संचालन समय समाप्त होते ही स्वास्थ्य उप केन्द्र में ताला लटक जाता है और लाखों की संपत्ति भगवान भरोसे रह जाती है।
मरीजों की भीड़, सुविधा नदारद:
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रत्येक दिन सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन स्वास्थ्य केन्द्र में न ड्रेसर है, न फार्मासिस्ट। सिर्फ ब्लड शुगर की जांच की जाती है। पैथोलॉजिस्ट नहीं रहने के कारण अन्य कोई जांच नहीं हो पाती। मरीजों को मजबूरन प्राइवेट क्लीनिक का रुख करना पड़ता है।
बड़ा सवाल:
जब दिन में सुरक्षा के लिए 4 गार्ड हैं तो रात में लाखों के सामान की सुरक्षा का जिम्मा किसका? अगर चोरी हो गई तो जवाबदेह कौन होगा? स्वास्थ्य विभाग ने रात की सुरक्षा को लेकर आंखें क्यों मूंद रखी हैं?
रिपोर्टर : डॉ. प्रवीण प्रकाश

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