डिहुली में सड़कें अतिक्रमण से बीमार व लापता,प्रशासन जानते हुए फिर भी आवेदन का कर रहे इंतजार
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के उजियारपुर विधानसभा अंतर्गत उजियारपुर अंचल के अंगार पंचायत स्थित डिहुली गांव में सड़क अतिक्रमण से चौमुखी विकास ठप है। गांव की दो दर्जन से अधिक सड़कें जो एक वार्ड को दूसरे वार्ड से जोड़ते हुए समस्तीपुर-रोसड़ा SH-55 को जोड़ती हैं, गनुआ सड़क और नुनफारा को जोड़ते हुए दलसिंहसराय अनुमंडल को जोड़ती हैं, अतिक्रमण से सिकुड़ गई हैं।
अंचल कार्यालय का रिकॉर्ड इसकी तस्दीक करता है। मौजा-डिहुली, थाना नं-223, तौजी नं-4845 में गैरमजरूआ खास/आम जमीन के रूप में दर्ज सड़कें सूत्रों के अनुसार इस प्रकार हैं:
अतिक्रमित सड़कों का खाता-खेसरा- रकबा
1. खाता 34 – गैरमजरूआ खास
- खेसरा 1422: रास्ता, रकबा 0-12 डिसमिल
- खेसरा 1561: रास्ता, रकबा 5-81 डिसमिल
- खेसरा 1687: सड़क, रकबा 0-11 डिसमिल
- खेसरा 1689: रास्ता, रकबा 0-8 डिसमिल
2. खाता 115 – गैरमजरूआ आम
- खेसरा 378: रास्ता, रकबा 1-45 डिसमिल
- खेसरा 486: रास्ता, रकबा 3-74 डिसमिल
- खेसरा 713: रास्ता, रकबा 0-4 डिसमिल
- खेसरा 727: रास्ता, रकबा 0-25 डिसमिल
- खेसरा 785: रास्ता, रकबा 0-55 डिसमिल
- खेसरा 793: रास्ता, रकबा 2-53 डिसमिल
- खेसरा 1313: रास्ता, रकबा 0-14 डिसमिल
- खेसरा 656: रास्ता, रकबा 0-02 डिसमिल
3. खाता 125 – गैरमजरूआ आम
- खेसरा 1323: रास्ता, रकबा 0-14 डिसमिल
4. खाता 193 – गैरमजरूआ आम
- खेसरा 1027: रास्ता, रकबा 0-46 डिसमिल
- खेसरा 1083: रास्ता, रकबा 0-53 डिसमिल
- खेसरा 1334: रास्ता, रकबा 1-12 डिसमिल
- खेसरा 1694: रास्ता, रकबा 0-35 डिसमिल
5. खाता 213 – गैरमजरूआ आम
- खेसरा 996: रास्ता, रकबा 0-64 डिसमिल
- खेसरा 1010: रास्ता
6. गैरमजरूआ खास
- खेसरा 102: रास्ता
हकीकत: कागज में खेसरा 1561 में 5 एकड़ 81 डिसमिल, खेसरा 486 में 3 एकड़ 74 डिसमिल रास्ता है। लेकिन जमीन पर 50 फुट की चौर की सड़क अब 10 फुट की गली बन गई है। कहीं घर-दीवार बना ली गई, कहीं कचरे का अंबार, कहीं मवेशी बंधे हैं। भू-स्वामियों ने धीरे-धीरे छंटाई कर सड़क को खेत में मिलाकर जोत लिया।
नतीजा – गाड़ियां भी बहुत परेशानी से निकल पाती है
सवाल ये है कि जब अंचल के रजिस्टर- 2 में मौजा-डिहुली, थाना नं-223, तौजी नं-4845 पर खाता 34, 115, 125, 193, 213 के दर्जनों खेसरा "रास्ता" दर्ज हैं, तो प्रशासन जानते हुए भी आवेदन देने की बात क्यों कहता है?
इस संबंध में उजियारपुर के अंचलाधिकारी आकाश कुमार से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने कहा, "सरकारी जमीन है ये तो, आप आवेदन दे दीजिए, हम कार्रवाई शुरू करवाते हैं।" यानी प्रशासन को पता है कि जमीन सरकारी है, फिर भी कार्रवाई के लिए आवेदन का इंतजार कर रहे हैं
रिपोर्टर : प्रवीण प्रकाश


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