2 साल से सड़क बनी 'तालाब', बालू-गिट्टी में सड़ रहा पैसा; JE-मुखिया-सचिव सब मौन
समस्तीपुर - दलसिंहसराय प्रखंड की मोख्तियारपुर पंचायत के वार्ड-04 में सरकारी सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां मुख्य सड़क पिछले 2 साल यानी 730 दिनों से तालाब में तब्दील है। वजह? पूरे वार्ड में एक इंच भी नाली नहीं है! C NEWS BHARAT की पड़ताल में खुलासा हुआ कि ठेकेदार ने 2 साल पहले सड़क निर्माण के नाम पर बालू-गिट्टी गिराकर काम अधूरा छोड़ दिया। उसी मटेरियल से प्राकृतिक बहाव रुक गया और सड़क स्थायी जलजमाव का शिकार हो गई। सबसे बड़ा घोटाला ये कि ग्रामीण कार्य विभाग ने बिना नाली-ड्रेनेज के ही सड़क का एस्टीमेट पास कर दिया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: 'ये विकास नहीं, विनाश है'
वार्डवासी ने आग उगलते हुए कहा, "साहब, नाली है ही नहीं तो पानी जाएगा कहां? हमको जहाज दिलवाओगे क्या? ठेकेदार पैसा लेकर फरार, JE ने आंख मूंदकर MB पास कर दिया। ये खुली लूट है! पुस्तकालय चमका दिया, पर हमको एक नाली नसीब नहीं। बच्चे गिरते हैं, बूढ़े फिसलते हैं, बीमारी फैल रही है।"
मुखिया-सचिव पर सीधा आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया ममता देवी व पंचायत सचिव तेज नारायण राय को दर्जनों बार नाली के लिए बोला गया, लेकिन उन्होंने 36 साल पुराने खाली पुस्तकालय भवन की रंगाई-पुताई को प्राथमिकता दी। वार्ड की मूलभूत समस्या को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
तकनीकी घोटाला बेनकाब: बिना नाली सड़क कैसे?
नियमानुसार किसी भी सड़क निर्माण से पहले ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य है। फिर सवाल है कि JE और AE ने बिना नाली के DPR कैसे स्वीकृत कर दिया? क्या ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत से सरकारी राशि की बंदरबांट हुई? 2 साल से काम बंद है, तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया?
प्रशासन बेपरवाह - BDO दलसिंहसराय से पक्ष जानने के लिए बार-बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
रिपोर्टर - प्रवीण प्रकाश


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