शालेय बीज प्रदर्शन उपक्रम से पर्यावरण संरक्षण के बीज बोए गए ५० स्कूलों में सफल उपक्रम

छत्रपती संभाजीनगर : छात्रों में छोटी उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता पैदा हो, प्रकृति, कृषि और देशी बीजों से उनका सीधा संबंध स्थापित हो, इस उद्देश्य से वी फॉर एनवायरनमेंट संस्था द्वारा शैक्षणिक वर्ष २०२५–२६ में संचालित शालेय बीज प्रदर्शन यह अभिनव उपक्रम जिले के सरकारी और निजी मिलाकर ५० स्कूलों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस उपक्रम से २५,००० से अधिक विद्यार्थियों तक सीधे पहुंच बनाई गई। इस उपक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को २०० से अधिक प्रकार के देशी और भारतीय बीजों से परिचित कराया गया। पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं से बाहर जाकर अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करना इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य था। आज की पीढ़ी प्रकृति और कृषि से दूर होती जा रही है, यह तथ्य ध्यान में रखते हुए जैव विविधता का महत्व प्रत्यक्ष अनुभव से समझना इस उपक्रम की संकल्पना थी। उपक्रम की योजना के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल से पूर्व में समन्वय करके शिक्षक प्रतिनिधि नियुक्त किए गए। विद्यार्थियों ने दादा-दादी, किसान और स्थानीय नागरिकों से जानकारी इकट्ठा कर बीजों का संग्रह, वर्गीकरण तथा लेबलिंग कर प्रत्येक स्कूल में कम से कम २०० बीजों का प्रदर्शन कराया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं जानकारी प्रस्तुत करने के कारण उनका आत्मविश्वास, अवलोकन क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। बीज प्रदर्शन के साथ-साथ स्मरणशक्ति प्रतियोगिता, जानकारी प्रस्तुति, बीज पहचान प्रतियोगिता और पर्यावरण विषयक चार सहभागात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें से ३०० प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया। इस उपक्रम के लिए अध्यक्षा सौ. मेघना बडजाते, कार्याध्यक्ष श्री संजय आंबेकर, डॉ. संजय डांभारे (डीन, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय), श्री यूनूस पटेल, श्री किरण मास्ट (मुख्याध्यापक संघ) तथा ग्राम विकास गतिविधि के श्री कैलास राठोड ने विशेष प्रयास किए। शिक्षक, अभिभावक और समाज की सक्रिय भागीदारी से यह उपक्रम सफल रहा।

इस उपक्रम का पुरस्कार वितरण, समारोप व सत्कार समारोह दिनांक ३ फरवरी २०२६ को सुबह १० बजे शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें पद्मश्री चैतरामजी पवार, वरिष्ठ पर्यावरण विशेषज्ञ, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और विजेता विद्यार्थियों को मार्गदर्शन तथा पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस उपक्रम से विद्यार्थियों में जैव विविधता, देशी बीज और पर्यावरण-सहायक जीवनशैली के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है और भविष्य में वृक्षारोपण, कृषि और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता बढ़ेगी, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है। अगले शैक्षणिक वर्ष में इस उपक्रम को १०० स्कूलों में चलाने का संकल्प संस्था द्वारा लिया गया है। इस संदर्भ में आयोजित पत्रकार परिषद में मेघना बडजाते,संजय आंबेकर,किरण मास्ट,डॉ.शुभदा कोराने, कैलास राठोड, प्रदीप बुरांडे, विद्या ताकसांडे आदि उपस्थित थे। निवेदन की जिम्मेदारी दीपाली कुलकर्णी ने निभाई।

रिपोर्टर - उमेश पठाडे

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