सावधान! वाळूज सीमा क्षेत्र में अपराधियों का होगा 'गेम'; पुलिस की 'स्पेशल ४०' फौज तैनात!
छत्रपती संभाजी नगर : वाळूज परिसर में बढ़ती गुंडागर्दी, चोरी और डकैती के सिलसिले को खत्म करने के लिए अब खाकी वर्दी ने कमर कस ली है। बढ़ती आबादी और बेरोजगारी के कारण अपराध की राह पकड़ने वाले गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस निरीक्षक शिवचरण पांढरे ने 'ग्रामरक्षक दल' का मास्टरप्लान मैदान में उतारा है। टेंभापुरी, जिकठाण, येसगाव और पांढरओहोळ जैसे चार संवेदनशील गांवों में करीब ४० जांबाज युवाओं की फौज खड़ी की गई है, जो अब रात के अंधेरे में अपराधियों के छक्के छुड़ा देगी।
इस अभियान में शामिल होने वाले प्रत्येक युवक का गहन 'चरित्र सत्यापन' किया गया है, जिन्हें जल्द ही लाठी, सीटी और टॉर्च देकर सुसज्जित किया जाएगा। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार और उपायुक्त पंकज अतुलकर के सीधे मार्गदर्शन में यह दल अब पुलिस की 'तीसरी आंख' बनकर काम करेगा। रात की गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की सटीक जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचने से, घरफोडी करने वालों पर शिकंजा कसना अब और भी आसान होगा।
पुलिस निरीक्षक शिवचरण पांढरे की 'कड़क' चेतावनी:
"अपराधी अब एक बात स्पष्ट रूप से याद रखें, रात के समय चोरी और डकैती जैसे अपराध करने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस थाना क्षेत्र में सतर्कता के साथ कर्तव्य निभाया जा रहा है। हर गांव में चरणबद्ध तरीके से 'ग्रामरक्षक' स्थापित किए जा रहे हैं। ग्राम रक्षक दल हमारे हाथ और आँख बनकर काम करेंगे। जनता की जान-माल की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं!!"
ग्रामरक्षकों का 'दो टूक' रुख:
"हमारे गांव में आकर दहशत फैलाने वालों की अब खैर नहीं। हम केवल नाम के सदस्य नहीं हैं, बल्कि रात के समय खुद मैदान में उतरकर पहरा देंगे। पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हम अपने क्षेत्र की सुरक्षा करेंगे। अपराधियों सावधान, अब हमारी नजर तुम पर है!"
रिपोर्टर : शिवाजी ताबे

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