नरेंद्राचार्यजी महाराज संस्थान की निःशुल्क एम्बुलेंस दुर्घटना पीड़ितों के लिए बनी 'देवदूत'

 छत्रपती संभाजीनगर  :  "नर सेवा ही नारायण सेवा" के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए, जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज संस्थान द्वारा शुरू किया गया निःशुल्क एम्बुलेंस (रुग्णवाहिका) उपक्रम वर्तमान में राजमार्ग पर दुर्घटना पीड़ितों के लिए सही मायने में 'जीवनदायिनी' सिद्ध हो रहा है। वर्ष 2025-2026 की अवधि के दौरान, ईसारवाडी फाटा और आसपास के राजमार्ग पर हुई विभिन्न दुर्घटनाओं में यह एम्बुलेंस कुल 135 लोगों की जान बचाने में सफल रही है।

राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के बाद का 'गोल्डन आवर' (स्वर्ण घंटा) अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। गंगापुर तहसील के ईसारवाडी एम्बुलेंस पॉइंट के अंतर्गत आने वाले छोटे पंढरपुर, वाळूज, लिंबेजळगाव, दहेगाव बंगला, ईसारवाडी फाटा, ढोरेगाव, भेंडाळा फाटा, भेंडाळा के साथ-साथ नए और पुराने कायगाव राजमार्ग क्षेत्र में दुर्घटना की सूचना मिलते ही संस्थान की एम्बुलेंस कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुँच जाती है। घायलों को तत्परता से नजदीकी अस्पताल पहुँचाने के कारण ही 135 लोगों को नया जीवन मिला है।

संस्थान की ओर से वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर 53 एम्बुलेंस 24 घंटे कार्यरत हैं और यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है। इस सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण ईसारवाडी और गंगापुर क्षेत्र में संतोष का वातावरण है और संस्थान के कार्यों की हर जगह सराहना हो रही है।

प्रतिक्रिया: सेवा का अनुभव और कृतज्ञता
"दुर्घटना की सूचना मिलते ही हमारा प्रयास रहता है कि एक सेकंड का भी विलंब किए बिना घटनास्थल पर पहुँचें। घायल व्यक्ति की जान बचने के बाद उनके चेहरे का संतोष देखकर हमें अपने काम का सच्चा आनंद मिलता है।" संदीप त्रिंबके (एम्बुलेंस चालक, संस्थान)

"राजमार्ग पर दुर्घटना होने के बाद मदद के लिए किसकी ओर देखें, यह बड़ा प्रश्न होता है। लेकिन संस्थान की एम्बुलेंस कुछ ही मिनटों में हाजिर हो जाती है। यह सेवा हमारे लिए किसी देवदूत से कम नहीं है।"अन्नासाहेब पारदे, मुरमी"आज के दौर में एम्बुलेंस के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन नरेंद्राचार्यजी संस्थान बिना कोई शुल्क लिए दिन-रात सेवा दे रहा है, जो अत्यंत प्रशंसनीय है।" नवनाथ काजळे, गुरु धानोरा

रिपोर्टर : शिवाजी तांबे

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