‘भक्ति को सेवा और श्रद्धा को संस्कारों से जोड़ें’ — भास्करगिरीजी महाराज
गंगापुर : अध्यात्म को केवल धार्मिक विधियों तक सीमित न रखते हुए उसे अपने आचरण में उतारना चाहिए। भक्ति के साथ सेवा, श्रद्धा के साथ संस्कार और धर्म के साथ समाजहित की भावना को अपनाना चाहिए। गोसेवा, विद्यार्थियों को सहयोग देना, जरूरतमंदों की सहायता करना तथा समाज में प्रेम और अपनत्व बढ़ाना भी अध्यात्म के ही रूप हैं। युवाओं को धार्मिक संस्कारों के साथ समाजोपयोगी कार्यों में भी आगे आना चाहिए। धार्मिक कार्यक्रमों से मिलने वाले अच्छे विचार जब दैनिक जीवन में उतरते हैं, तभी ऐसे आयोजनों की सार्थकता होती है, ऐसा संदेश देवगड संस्थान के मठाधिपति महंत गुरुवर्य भास्करगिरीजी महाराज ने दिया।
विसरवाड़ी फाटा में पिछले पांच दिनों से चल रहे ‘भव्य शिवमहापुराण समारोह तथा नर्मदेश्वर को एक करोड़ बेलपत्र अर्पण समारोह’ का संत सम्मेलन के साथ उत्साहपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। गंगापुर तहसील में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित इस धार्मिक समारोह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
दत्तगड संस्थान, मुरमी के आचार्य स्वामी प्रेमदासजी महाराज के श्रीमुख से पांच दिनों तक शिवमहापुराण कथा का निरूपण किया गया। कथा के दौरान प्रसंगों को अधिक प्रभावशाली ढंग से श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने के लिए प्रसंगानुकूल संगीत, वेशभूषा और प्रत्यक्ष प्रसंगों का सजीव प्रस्तुतिकरण किया गया। कथा में जिस प्रसंग का वर्णन किया जाता, उसी के अनुरूप संबंधित प्रसंग को मंच पर साकार किया जाता था। इससे श्रद्धालुओं को कथा केवल सुनने के साथ-साथ उसे प्रत्यक्ष अनुभव करने का भी अवसर मिला।
शाम को भक्ति का अनूठा क्रम
इस समारोह का आयोजन भी भक्तिमय स्वरूप में किया गया था। प्रतिदिन शाम पांच से छह बजे तक नर्मदेश्वर को बेलपत्र अर्पित करने की पूजा, इसके बाद शाम छह से आठ बजे तक शिवमहापुराण कथा तथा कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था रहती थी।
शाम होते ही विसरवाड़ी फाटा परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से भर जाता था। शिवनाम का जयघोष, कथावाचन और संगीत से पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता था। पंचक्रोशी के विभिन्न गांवों से महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग तथा युवा बड़ी संख्या में इस धार्मिक समारोह में शामिल हुए।
एक करोड़ बेलपत्र अर्पण समारोह बना मुख्य आकर्षण
इस धार्मिक समारोह का प्रमुख आकर्षण नर्मदेश्वर को एक करोड़ बेलपत्र अर्पित करने का धार्मिक उपक्रम रहा। श्रद्धा और भक्तिभाव से संपन्न इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सामूहिक भक्ति का दर्शन कराने वाले इस उपक्रम की संत-महंतों ने भी सराहना की।
समापन समारोह में भास्करगिरीजी महाराज ने गोशाला, आश्रमशाला और समाजोपयोगी कार्यों के संबंध में मार्गदर्शन किया। गंगापुर तहसील में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर शिवमहापुराण कथा के आयोजन के लिए उन्होंने आयोजकों का अभिनंदन किया।
पंचक्रोशी के युवा मंडलों, ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा समारोह के लिए किए गए प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की। उनके साथ उपस्थित संत-महंतों और महात्माओं ने भी इस भव्य धार्मिक आयोजन की प्रशंसा की।
धार्मिक आयोजनों से संस्कारों की जड़ें मजबूत हों : प्रशांत बंब
समापन समारोह में गंगापुर तहसील के विधायक प्रशांत बंब उपस्थित थे। उन्होंने भी श्रद्धालुओं को संबोधित किया। धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में अच्छे विचार, संस्कार और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है, ऐसा उन्होंने कहा। पांचों दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा उत्साहपूर्वक सहभागिता किए जाने पर उन्होंने आयोजकों का अभिनंदन किया।
समापन समारोह के अवसर पर विधायक प्रशांत बंब की ओर से महाप्रसाद का आयोजन किया गया था।
संत-महंतों का सान्निध्य, स्वामी प्रेमदासजी महाराज का रसपूर्ण कथावाचन, कथानुसार साकार किए गए प्रसंग, संगीत एवं वेशभूषा, प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और नर्मदेश्वर को एक करोड़ बेलपत्र अर्पण का भक्तिमय समारोह—इन सभी विशेषताओं के कारण विसरवाड़ी फाटा में आयोजित यह पांच दिवसीय धार्मिक समारोह गंगापुर तहसील में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
रिपोर्टर : शिवाजी तांबे

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