पीएम मोदी से बहस की चुनौती पर संबित पात्रा का तीखा पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस (Open Debate) करने की राहुल गांधी की मांग को खारिज करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि लोकतंत्र में नेताओं के बीच सार्थक बहस सड़कों पर या चौराहे पर नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद के भीतर होनी चाहिए।
"राहुल गांधी के पास न डेटा है और न ही प्रक्रियाओं का ज्ञान"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी की क्षमता पर सवाल उठाते हुए संबित पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी कल प्रधानमंत्री जी के साथ बहस करना चाहते थे। वह चाहते हैं कि एक तरफ प्रधानमंत्री बैठें और दूसरी तरफ वह खुद बैठें। लेकिन सच्चाई यह है कि राहुल गांधी के पास किसी भी विषय को लेकर कोई डेटा नहीं होता है। उन्हें इस देश में चल रही नीतियों और संवैधानिक प्रक्रियाओं का जरा भी ज्ञान नहीं है। हां, अगर देश में 'गलता' (अव्यवस्था व अराजकता) फैलाने की बात हो, तो उसमें वह नंबर वन हैं।"
संबित पात्रा ने तीखे लहजे में सवाल पूछते हुए कहा, "क्या राजनीतिक नेताओं के बीच बहस सड़कों पर होनी चाहिए या फिर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद के पटल पर? क्या सड़कों पर खींचतान और तू-तू-मैं-मैं होनी चाहिए या संसद में तर्कपूर्ण बहस? राहुल गांधी के पास संसद में 5-6 मिनट से ज्यादा बैठने का धैर्य ही नहीं है। जो व्यक्ति लगातार संसद में टिककर नहीं बैठ सकता, वह संसद के भीतर बहस करने से भागता है और सड़क की लड़ाई को तरजीह देता है।"
'इंडिया' गठबंधन की रामलीला मैदान रैली पर उठाए सवाल
संबित पात्रा ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की हालिया महारैली की भीड़ और सफलता पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने दावा किया था कि रामलीला मैदान में 10 लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे, लेकिन हकीकत यह थी कि वहां 20,000 लोग भी जमा नहीं हो सके। यह पूरे तथाकथित 'इंडिया' ब्लॉक की संयुक्त वास्तविक ताकत को दर्शाता है।

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