यूपी में धार्मिक समीकरण साधने की कोशिशें तेज, मंत्री संजय निषाद ने दिया बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय और धार्मिक समीकरण साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी भी अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद हाल ही में गोरखपुर की मछुआ मेगा रैली में भावुक नजर आए, जहां उन्होंने अपने समाज के अधिकार और वोट छिनने की बात कही।
संजय निषाद का बयान और धर्म पर टिप्पणी
डॉ. निषाद ने हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि मुस्लिम और ईसाई धर्म विदेशी प्रभाव से आए। उन्होंने धर्म परिवर्तन को “समर्पण” बताते हुए इसे राष्ट्रविरोधी ताकतों से जोड़ने की बात कही। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर और पुराने कानूनों का हवाला देते हुए आरक्षण को हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म तक सीमित बताया।
कांग्रेस पर निशाना और मुस्लिमों से अपील
डॉ. निषाद ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने मुसलमानों को पीछे रखने की साजिश की। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कांग्रेस का विरोध करने और अपने अधिकारों को लेकर सवाल उठाने की अपील की। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ती नजर आ रही है।
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