पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा आगामी त्यौहार होली, रमजान को सकुशल सम्पन्न कराने तथा शांति व कानून व्यवस्था के दृष्टिगत की गई आनलाइन गोष्ठी

संतकबीरनगर : पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना* द्वारा आज दिनाँक 26/27.02.2026 को गूगल मीट के माध्यम से पुलिस बैठक आहूत की गई, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक  सुशील कुमार सिंह*, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, समस्त चौकी प्रभारी, समस्त चौकी प्रभारी,  FSSO प्रभारी / LIU प्रभारी / DCRB प्रभारी / प्रभारी डायल 112, यातायात प्रभारी. RI लाइन्स, पेशकार पुलिस अधीक्षक, सभी शाखा प्रभारी समेत अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण के साथ आगामी त्यौहार होली, रमजान व सीसीटीएनएस, सीएम डैश-बोर्ड, इ-साक्ष्य, साइट्रेन/सीइआईआर पोर्टल, ई- ऑफिस, गुमशुदगी की बरामदगी, गैगेस्टर, दहेज हत्या आदि विषय पर कानून व्यवस्था के दृष्टिगत गोष्ठी की गयी । 
 
गोष्ठी के दौरान महोदय द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किए गएः-
संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त: शहर एवं ग्रामीण इलाकों के समस्त संवेदनशील स्थलों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों के आस-पास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए । सायंकाल से ही पैदल गश्त (Foot Patrolling) तेज करने के निर्देश दिए गए साथ ही साथ मिश्रित आबादी क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने हेतु कड़े निर्देश दिया गया ताकि भविष्य में शांति व्यवस्था बनी रहे। ड्रोन की सहायता से आस-पास के मकानों की छतों की निगरानी अवश्य कर ले। 
यातायात प्रबंधन: पर्व के दौरान सड़कों पर भीड़भाड़ को देखते हुए यातायात पुलिस को विशेष रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा न हो।
हुड़दंगियों पर पैनी नजर: पुलिस अधीक्षक महोदय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दोपहिया वाहनों पर स्टंट करने वाले, तीन सवारी बैठने वाले और तेज रफ्तार गाड़ी चलाने वाले हुड़दंगियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाए ।
सोशल मीडिया की निगरानी: सोशल मीडिया सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक पोस्ट या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए । सोशल मीडिया पर अफवाहो का अविलम्ब खण्डन करे ।
शांति समिति की बैठकें: समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में धर्मगुरुओं और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ 'शांति समिति' (Peace Committee) की बैठक कर समन्वय स्थापित करने हेतु निर्देशित किया गया । 
अवांछित तत्वों की चेकिंग: होटलों, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए ।
अपील: पुलिस अधीक्षक  ने जनपदवासियों से अपील की है कि पर्व को शांति और इबादत के साथ मनाएं । किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तत्काल 'यूपी 112' या संबंधित थाने को दें । कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
गोष्ठी के दौरान जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत निम्न बिन्दुओं पर दिशा निर्देश निर्गत किए गए –
1. सीएम डैशबोर्ड-
सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग में सुधार हेतु सभी लंबित संदर्भों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें । शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी । 
2. डायल 112 की सक्रियता-
डायल 112 (PRV) के रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए ।
सर्दी और कोहरे के मौसम में पीआरवी वाहनों की विजिबिलिटी बढ़ाई जाए और रणनीतिक स्थानों पर उनकी तैनाती सुनिश्चित की जाए ।
3. एनबीडब्ल्यू (NBW) एवं वांछित अपराधियों की धरपकड़
न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) का शत-प्रतिशत तामीला सुनिश्चित किया जाए ।
पुरस्कार घोषित अपराधियों और लंबे समय से फरार चल रहे वांछितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए । महिला संबंधित अपराधों में कार्यवाही त्वरित करने हेतु आदेशित किय़ा गया। 
 4. महिला सुरक्षा पर विशेष अभियान
महोदय द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व सशक्तिकरण हेतु कड़े निर्देश दिया गया कि उनके साथ होली के त्यौहार पर कोई दुर्व्यहार न होने पाये इसके कड़े निर्देश दिया गया ।
5. यक्ष ऐप की समीक्षा
डिजिटल पुलिसिंग को सुदृढ़ करने हेतु यक्ष ऐप के उपयोग की समीक्षा की गई। महोदय ने निर्देश दिया कि—
सभी बीट अधिकारी यक्ष ऐप का नियमित एवं प्रभावी प्रयोग करें।
संदिग्ध, बाहरी व्यक्तियों एवं सत्यापन की कार्यवाही समय से ऐप पर अपडेट की जाए।
डिजिटल वेरिफिकेशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
6. साइबर अपराध की समीक्षा
बढ़ते साइबर अपराधों के दृष्टिगत एडीजी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि—
साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने हेतु बैंक व संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाए।
साइबर जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित किया जाए।
7. सीसीटीएनएस कार्यालय में ऑनलाइन अभिलेखों की प्रविष्टियों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया । 
8. इ-समन-  इ-समन की तामिला के वक्त मोबाइल नम्बर व इमेल आईडी का उल्लेख करने हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। यह अदालत से पुलिस स्टेशन और आरोपी तक सीधे डिजिटल रूप से भेजा जाता है, जिससे समय की बचत होती है। यह इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) का हिस्सा है।
9. गुमशुदा की बारामदगी- गुमशुदा की बारामदी को लेकर संबंधित थानों को तकनीकी माध्यमों को सहारा लेते हुए शीघ्र कार्यवाही करने व गुमशुदा की सत्यापन हेतु निर्देशित किया गया । 
10. अपराधों की समीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं अपराध रोकथाम हेतु दिए गए निर्देश
सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
गैंगस्टर एक्ट, नकबजनी व चोरी के अंतर्गत चिन्हित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अपराध की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सतत निगरानी रखी जाए ।
रात्रि गश्त (Night Patrol) को और अधिक प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 'पीक ऑवर्स' के दौरान पैदल गश्त पर विशेष जोर दिया गया।
लंबित विवेचनाओं (Investigations) को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को प्राथमिकता पर रखने को कहा गया।
अपराधियों के डेटाबेस को अपडेट रखने तथा संदिग्धों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों (CCTV) के नेटवर्क को विस्तार देंने के निर्देश दिए गए।
नशीले पदार्थों की तस्करी व अवैध बिक्री के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए ।
पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए "मोहल्ला समितियों" के साथ नियमित बैठकें करने और आम जन की शिकायतों का त्वरित निवारण करने पर बल दिया गया।
पुलिस मित्र के साथ समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था में सहयोग प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया। 
10. प्रिवेंटिव कार्रवाई पर निर्देश
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत एडीजी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि—
निरोधात्मक कार्रवाई समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से की जाए।
संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
आगामी त्योहारों एवं संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
 
होली पर्व के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा बैठक एवं आवश्यक दिशा-निर्देश-
 
होली पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना* द्वारा गूगल मीट के माध्यम से समस्त क्षेत्राधिकारीगण, थाना प्रभारीगण एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नलिखित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए—
 सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने एवं होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
2. आयोजन समितियों से समन्वय:
होली मिलन/जुलूस/अन्य कार्यक्रम आयोजित करने वाली समितियों के पदाधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनुमति एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही साथ आयोजत समितियों के सदस्य को रेड कार्य दिया जाए ताकि भविष्य में कोई अवैधानिक कार्य न करे व अपनी जिम्मेदारी का अच्छे से वहन करे। 
3. संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी:
जनपद के चिन्हित संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एवं निरंतर गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
4. अफवाहों पर नियंत्रण:
सोशल मीडिया की सतत मॉनिटरिंग करते हुए भ्रामक एवं आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
5. डीजे पर नियंत्रण: डीजे संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी परिस्थिति में आपत्तिजनक या भड़काऊ गाने न बजाए जाएं। उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । सभी डीजे संचालकों से एक लिखित बंधपत्र (बॉन्ड) भरवाया जाए, जिसमें सभी को यह आश्वासन दिया गया कि वे शासन एवं न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे तथा किसी भी प्रकार की उल्लंघन की स्थिति में विधिक कार्यवाही के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे। डीजे संचालकों को रेड कार्ड जारी करते हुए मुचलका/पाबंदी की विधिक कार्यवाही पूर्ण करने हेतु आदेशित किया गया। 
6. होलिका दहन-
 होलीका दहन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया पूर्व में आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
 कोई भी विवाद की स्थिति में सभी अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा इसकी सूचना अविलम्ब उच्च अधिकारीगण को अवश्य दे अन्यथा इसकी पूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। 
7. पाबंदनामा की कार्यवाहीः-
शांति भंग की आशंका वाले व्यक्तियों से सक्षम न्यायालय के समक्ष पाबंदनामा भरवाकर भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु बाध्य किया जाए ।
9. तत्काल सूचना प्रेषण:-
किसी भी प्रकार की घटना/अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारीगण को उच्च अधिकारियों को अभिलंब सूचना देने हेतु कड़ाई से निर्देशित किया गया।
10. डायल 112 एवं आपात सेवाएं सक्रिय:
डायल 112 एवं अन्य आपात सेवाओं को पूर्ण रूप से सक्रिय एवं सतर्क रखने के निर्देश दिए गए । संवेदनशील जगहों को चिन्हित कर वाहनों की तैनाती सुनिश्चित कर ले ताकि वाहन समय से पहुँच सके ।  
जनसहयोग की अपील:-
आमजन से आपसी भाईचारा एवं सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई। रिपोर्टर : मोहम्मद नईम

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