तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस में शिक्षा को बताया गया तरक्की और राष्ट्र निर्माण का आधार
संत कबीर नगर : नगर पंचायत बाधनगर उर्फ बखिरा के लेहुआ महुआ (पूरब मोहल्ला) में आयोजित दूसरा अज़ीमुश्शान इजलास-ए-आम एवं तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों तथा उलेमा-ए-कराम ने बड़ी संख्या में भाग लेकर शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हजरत मौलाना मुफ्ती वसी अहमद साहब रहे। उनके साथ मौलाना गुफरान अहमद नदवी, कारी सुहैल साहब कुशीनगरी तथा अनेक प्रतिष्ठित उलेमा-ए-कराम मंचासीन रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही इंसान की असली पूंजी है और यही समाज को विकास तथा जागरूकता की ओर ले जाती है। उन्होंने धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा को भी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
विशिष्ट अतिथि मोहम्मद शफीक साहब (प्रत्याशी, 313 खलीलाबाद) भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और आधुनिक शिक्षा का समन्वय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा समाज में भाईचारा, एकता और मजबूत राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नसीम अहमद, मोहम्मद अहमद, गयासुद्दीन, महमूद, हाफिज रमजान, हाफिज परवेज, नेहाल अहमद, बेदरुर्रहमान, शमीम अहमद, डॉ०मुजाहिद,साजिद,जमाल, मुफ्ती मसूद,
वसीम अहमद, इकबाल अहमद, सहित सैकड़ों सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस ने शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में ज्ञान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन देश, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की की दुआओं के साथ हुआ।
रिपोर्टर : मोहम्मद नईम
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