ब्राउन कैंसर सेंटर,केंटकी अमेरिका से जुड़े प्रख्यात वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी की पहली बार वतन वापसी

संत कबीर नगर - ब्राउन कैंसर सेंटर,स्कूल ऑफ मेडिसिन,यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविल, केंटकी, अमेरिका से जुड़े प्रख्यात पोस्ट-डॉक्टरल वैज्ञानिक जनाब इरशाद अहमद अंसारी के अपने वतन भारत में पहली बार आगमन पर उनके पैतृक कस्बा अमरडोभा,शहर पंचायत बखिरा बाजार,तहसील खलीलाबाद के उलेमा,सामाजिक कार्यकर्ताओं और सम्मानित जनता,विशेषकर क़ारी निसार अहमद निज़ामी,फैज़ अहमद अंसारी,इकरामुद्दीन और शहर पंचायत बखिरा के चेयरमैन आमिर अंसारीसहित अन्य लोगों ने गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचकर उनका जोरदार स्वागत किया और पुष्पमाला पहनाई।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए दारुल उलूम कुतबिया अहलेसुन्नत रोशनुल उलूम लेडुआ महुआ अमरडोभा शहर पंचायत बखिरा बाजार के रईसुल अस्ताज़ा क़ारी निसार अहमद निज़ामी ने कहा कि "धरती हिंद हमेशा से ज्ञान, साहित्य और शोध की धरती रही है। इस मिट्टी ने हर दौर में ऐसे सपूत पैदा किए जिन्होंने न सिर्फ देश का नाम रोशन किया बल्कि पूरी दुनिया में मानवता की सेवा की। आज हमें एक बार फिर ऐसे ही एक उज्ज्वल सितारे, वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।"

क़ारी निज़ामी ने कहा कि "वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी इस समय दुनिया की प्रसिद्ध मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी में से एक, यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविल के ब्राउन कैंसर सेंटर में कैंसर रिसर्च के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। कैंसर जैसी वैश्विक चुनौती पर उनकी मेहनत और लगन सराहनीय है।"

उन्होंने आगे कहा कि "उनका काम नई दवाओं, इलाज के तरीकों और मरीजों का जीवन बेहतर बनाने से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनका शोध प्रकाशित हो चुका है और वैज्ञानिक सम्मेलनों में उनके पेपर की सराहना की गई है। अमेरिका जैसे विकसित देश में रहते हुए भी आपने अपनी मातृभाषा, संस्कृति और वतन से रिश्ता हमेशा बनाए रखा।"

क़ारी निज़ामी ने कहा कि "वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी की सफलता सिर्फ जिला संत कबीर नगर के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के हर उस छात्र के लिए एक उदाहरण है जो विज्ञान और शोध के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहता है। वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी ने साबित किया कि मेहनत, ईमानदारी और वतन से प्रेम के साथ दुनिया में कहीं भी सफलता का झंडा गाड़ा जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि "वैज्ञानिक इरशाद अहमद जैसे शोधकर्ताओं की वजह से दुनिया भर में भारतीय मस्तिष्क की क्षमताओं को माना जाता है। उनकी पहली बार अपने वतन में यह आमद केवल एक निजी यात्रा नहीं है। यह ज्ञान का पुल बनाने का अवसर है। यह हमारे कॉलेजों, यूनिवर्सिटियों और रिसर्च संस्थानों के लिए एक मौका है कि वे उनके अनुभवों से सीखें। यह हमारे मरीजों के लिए उम्मीद है कि विज्ञान किस तरह जानें बचा सकता है।"

"हमें विश्वास है कि वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी के व्याख्यान, मार्गदर्शन और उनकी मौजूदगी से हमारे युवा वैज्ञानिकों को नई दिशा मिलेगी।"

अंत में क़ारी निज़ामी ने कहा कि "वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी की वतन वापसी पर हम पूरे दिल से स्वागत करते हैं। उनके आने से हमारे शहर अमरडोभा, संत कबीर नगर की हवा में ज्ञान की खुशबू फैल गई है। हमारी दुआ है कि अल्लाह तआला वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी को सेहत, तरक्की और अधिक सफलताएं प्रदान करे। और उनका ज्ञान मानवता के काम आता रहे और उनका नाम हमेशा गर्व से लिया जाता रहे।

रिपोर्टर - मोहम्मद नईम 

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