खाद-बीज व्यापारियों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

सरगुजा  : एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन (FAS), सरगुजा संभाग द्वारा कृषि आदान (खाद, बीज एवं कीटनाशक) व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं होने पर देशभर के व्यापारी 27 अप्रैल को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे।

ज्ञापन में बताया गया कि देशभर के लाखों कृषि आदान व्यापारी बीते कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इससे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
खाद कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यह प्रथा उनके लिए आर्थिक बोझ बन रही है और इसे अपराध घोषित किया जाना चाहिए।
साथ ही, उर्वरकों की सप्लाई “फ्री ऑन रोड (FOR)” आधार पर सीधे विक्रेताओं के पॉइंट ऑफ सेल तक सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है, ताकि डीलरों को अतिरिक्त परिवहन खर्च से राहत मिल सके। वर्तमान में रेलहेड से खुद परिवहन कराने पर प्रति बैग 40 से 50 रुपए तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
बढ़ती महंगाई और लागत को देखते हुए डीलर मार्जिन को न्यूनतम 8 प्रतिशत करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
इसके अलावा, “साथी (SATHI) पोर्टल” की अनिवार्यता को समाप्त कर इसे ग्रामीण विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाने की बात कही गई है। संगठन का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है।
एचटीबीटी (HTBT) बीज नीति में सुधार करते हुए अवैध बीजों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने या अधिकृत डीलरों को नियंत्रित तरीके से बिक्री की अनुमति देने की मांग भी शामिल है।
वहीं, सीलबंद खाद, बीज एवं कीटनाशक पैकेट में किसी भी प्रकार की खराबी मिलने पर विक्रेता को दोषी न ठहराते हुए इसकी जिम्मेदारी सीधे निर्माण करने वाली कंपनियों पर तय करने की बात कही गई है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र किया जा सकता है।

रिपोर्टर : रिंकू सोनी 

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