NRLM से बदली महिला की तकदीर, प्रमिला सिंह बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
सरगुजा : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव लाने का बड़ा माध्यम बन रहा है। इसका जीवंत उदाहरण जनपद पंचायत बतौली अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलमा की निवासी श्रीमती प्रमिला सिंह हैं, जिन्होंने मेहनत और समूह की सहायता से अपनी अलग पहचान बनाई है।
श्रीमती प्रमिला सिंह वर्ष 2012 में फूल स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी मिली और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। शुरुआत में उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर खेती का कार्य शुरू किया।
उन्होंने 1 एकड़ भूमि में गन्ना तथा 1 एकड़ भूमि में सब्जी, मक्का और सूरजमुखी की खेती की। मेहनत और सही योजना के कारण खेती में उन्हें अच्छी सफलता मिली और आय का स्थायी स्रोत तैयार हुआ।
खेती के साथ-साथ प्रमिला सिंह ने समूह के माध्यम से सिलाई प्रशिक्षण लेकर सिलाई कार्य भी शुरू किया। इसके अलावा मुर्गी पालन का व्यवसाय अपनाकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित की। इन सभी कार्यों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और जीवन स्तर में सुधार आया।
वर्तमान में उन्हें गन्ना उत्पादन से लगभग 1 लाख रुपये, मक्का एवं सब्जी उत्पादन से करीब 1 लाख रुपये तथा सिलाई और मुर्गी पालन से लगभग 53 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार वे सालाना करीब 2.53 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
आज प्रमिला सिंह आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और NRLM जैसी योजनाओं का सहयोग ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
रिपोर्टर : रिंकु सोनी


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