सड़क पर खड़े ट्रक से टकराई बाइक, मोहन माझी की दर्दनाक मौत

सरगुजा -  NH-43 मुख्य मार्ग थाना क्षेत्र बतौली के पर स्थित विमल मोहन पेट्रोल पंप के पास मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में मोहन माझी (पिता नरेश माझी), निवासी ग्राम केदमा, थाना लखनपुर की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक क्रमांक CG 15 AC 5090 का टायर फटने के बाद वाहन को मुख्य सड़क पर खड़ा कर स्टेपनी बदली जा रही थी। आरोप है कि सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान हीरो डीलक्स बाइक क्रमांक CG 15 CM 3643 से जा रहे मोहन माझी ट्रक के पिछले हिस्से से जा भिड़े। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

आखिर कब तक मौत बांटेगा NH-43

NH-43 पर हादसे अब सामान्य खबर बनते जा रहे हैं। जगह-जगह गड्ढों से छलनी सड़क,रात में पर्याप्त रोशनी का अभाव, सड़क किनारे और सड़क पर खड़े भारी वाहन तथा यातायात नियमों की खुली अनदेखी आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई की बातें होती हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों की मनमानी चरम पर है। कई बार ट्रक और अन्य बड़े वाहन बिना किसी सुरक्षा संकेत के सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

यातायात व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था की गंभीर विफलता की ओर इशारा करता है। यदि सड़क पर खड़े वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाता और नियमित निगरानी होती, तो शायद एक युवा की जान बच सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 एवं थाना बतौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक क्रमांक CG 15 AC 5090 को जब्त कर थाने में खड़ा कराया है। मामले में जांच एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक चालक लालजीत यादव बताया जा रहा है।

आखिर NH-43 पर मौत का सिलसिला कब रुकेगा?

कब तक बदहाल सड़कें और लापरवाह यातायात व्यवस्था लोगों की जान लेती रहेंगी? क्या हर हादसे के बाद केवल कागजी कार्रवाई ही होगी या जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय होगी? एक बार फिर NH-43 खून से लाल हुआ है, एक बार फिर एक परिवार का सहारा छिन गया है, और एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था कठघरे में खड़ी दिखाई दे रही है।

रिपोर्टर - रिंकू सोनी 

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