टीबी मुक्त विकासखंड के रूप में बतौली को मिली पहचान, स्वास्थ्य मंत्री ने किया सम्मानित
सरगुजा : स्वास्थ्य के क्षेत्र में बतौली विकासखंड ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सरगुजा जिले का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बतौली को वर्ष 2025 के लिए टीबी मुक्त विकासखंड घोषित किया है। इस उपलब्धि के लिए 8 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक प्रशस्ति पत्र जारी किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री के हाथों मिला सम्मान
बतौली विकासखंड की इस उपलब्धि के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. संतोष सिंह ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री के हाथों पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। यह सम्मान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मिली मजबूती
टीबी मुक्त विकासखंड का सम्मान मिलना बतौली के लिए गर्व और उत्साह का विषय है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से टीबी की पहचान, मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने तथा आम लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाता है। इन प्रयासों का उद्देश्य समाज को टीबी जैसी बीमारी से सुरक्षित बनाना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बतौली को मिली यह पहचान स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास को मजबूत करने के साथ ही टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश भी देती है।
बतौली के लिए गौरव का क्षण
वर्ष 2025 के लिए टीबी मुक्त विकासखंड घोषित किए जाने का प्रशस्ति पत्र बतौली की इस उपलब्धि को आधिकारिक पहचान प्रदान करता है। बीएमओ डॉ. संतोष सिंह द्वारा स्वास्थ्य मंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त करना क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।
बतौली की यह उपलब्धि स्वस्थ सरगुजा और टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई प्रेरणा देती है।
संदेश स्पष्ट है—टीबी हारेगा, देश जीतेगा!
रिपोर्टर : रिंकु सोनी

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