एकनाथ शिंदे ने तापोला-अहीर केबल स्टे ब्रिज के काम का निरीक्षण किया
सातारा - जिले के महाबलेश्वर तालुका की दुर्गम कांदाटी घाटी के गांवों और कोंकण-पश्चिम महाराष्ट्र को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी 'तापोला-अहीर केबल स्टे ब्रिज' (Tapola-Ahir Cable Stayed Bridge) के काम का उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निरीक्षण किया.
कोयना जलाशय पर बनाए जा रहे इस पुल का काम 90 से 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है और यह पुल जल्द ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. प्रमुख विशेषताएं और विकास कार्य 50 किलोमीटर के चक्कर से राहत: इस पुल के कारण कांदाटी घाटी के 15 से 16 दुर्गम गांवों को सीधा संपर्क मिलेगा और महाबलेश्वर तथा कोंकण के बीच की दूरी लगभग 50 किमी कम हो जाएगी. पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस केबल-स्टेड पुल पर 43 मीटर ऊंची एक व्यूइंग गैलरी (Viewing Gallery) होगी। इससे पर्यटक कोयना के बैकवॉटर और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य का आनंद ले सकेंगे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी: आवागमन आसान होने से इस क्षेत्र के रोजगार, कृषि और पर्यटन व्यवसाय को बड़ी गति मिलेगी.
एकनाथ शिंदे ने कहा- "यह पुल केवल सीमेंट और लोहे का ढांचा नहीं है, बल्कि कांदाटी घाटी के नागरिकों के जीवन को बदलने वाली जीवनरेखा साबित होगा."
संवाददाता - शानपरवेज डांगे
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