नागौद राजपरिवार गोलीकांड: वारदात के 24 घंटे बाद भी पुलिस की 'रहस्यमयी' चुप्पी, उठे गंभीर सवाल!
सतना - पुलिस एक बार फिर अपनी अजीबोगरीब कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। मामला बेहद हाईप्रोफाइल है, लेकिन पुलिस की खामोशी उससे भी ज्यादा हैरान करने वाली है। कल सतना जिले के उचेहरा थाना अंतर्गत परसमनिया चौकी क्षेत्र में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। नागौद राजपरिवार से जुड़ी बहू संयोगिता सिंह पर सुनीता सिंह नाम की महिला ने कथित तौर पर राइफल से गोली चला दी। गोली संयोगिता सिंह के पेट में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें पहले उचेहरा अस्पताल और फिर सतना जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन हालत बिगड़ती देख, उन्हें रीवा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है, जहाँ वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
वारदात: नागौद राजपरिवार की बहू संयोगिता सिंह को दिनदहाड़े मारी गई गोली।
आरोपी: सुनीता सिंह नामक महिला पर राइफल से फायरिंग का आरोप। घायल की स्थिति: रीवा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज जारी, हालत गंभीर। सवाल: घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिसिया कार्रवाई और बयान पर सस्पेंस क्यों? इस पूरी खूनी वारदात में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला पहलू है उचेहरा पुलिस और थाना प्रभारी सतीश मिश्रा का रवैया। आम तौर पर ₹100 की सट्टा पर्ची पकड़ने पर भी बकायदा फोटो खिंचवाकर पीठ थपथपाने वाली उचेहरा पुलिस, इतने बड़े हाईप्रोफाइल गोलीकांड पर पूरी तरह मौन साधे हुए है।
घटना को 24 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपी महिला की गिरफ्तारी हुई या नहीं, और इस वारदात के पीछे की असली वजह क्या थी? इस पर रहस्यमयी गोपनीयता बरती जा रही है। आज सुबह जब राजपरिवार के सदस्यों ने खुद इस मामले पर चुप्पी तोड़ी, तब जाकर यह खबर मीडिया और आम जनता तक पहुंची।
हैरानी की बात यह है कि उचेहरा थाना प्रभारी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सतना पुलिस जिले में अपराध और अपराधियों को नियंत्रित करने के बजाय, इस संवेदनशील मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है? आखिर इस चुप्पी के पीछे का राज क्या है?
रिपोर्टर - सूर्या प्रकाश
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