जहां नदी नहीं, झील नहीं...फिर भी आबादी 3.5 करोड़! सऊदी अरब का पानी वाला राज

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हमारे घर में एक दिन भी नल में पानी न आए, तो क्या हाल होगा? हम पानी के बिना एक पल भी जीने की कल्पना नहीं कर सकते! नदियां, तालाब और झरने हमारी प्यास बुझाते हैं और हमारे शहरों को रोशन करते हैं। लेकिन...क्या आपको पता है कि इस दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहाँ एक भी नदी नहीं बहती? 

जी हाँ, ज़रा सोचिए...न कोई नदी, न कोई झील, और चारों तरफ सिर्फ धधकती हुई रेत! हम बात कर रहे हैं सऊदी अरब की, जहाँ पानी नाम की कोई प्राकृतिक चीज़ ही नहीं है। हैरानी होती है यह सोचकर कि 3.5 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाला यह देश आखिर अपनी प्यास कैसे बुझाता होगा? क्या वे सिर्फ सूखे कुओं के सहारे जीते हैं? दरअसल, सऊदी अरब का 90 प्रतिशत से अधिक भूभाग रेगिस्तान से घिरा हुआ है, जहां औसत वार्षिक वर्षा अमेरिका की डेथ वैली से भी कम यानी 100 मिलीमीटर से नीचे है। 

देश में कोई स्थायी सतह जल स्रोत नहीं है; नदियां केवल मौसमी 'वाड़ी' तक सीमित हैं जो दक्षिण-पश्चिम की पहाड़ियों में थोड़ी बहुत वर्षा से भरती हैं। कुल नवीकरणीय जल संसाधन मात्र 2 अरब क्यूबिक मीटर प्रतिवर्ष हैं, जो 3.5 करोड़ से अधिक की आबादी के मुकाबले बेहद कम हैं। आपको बता दें ऐतिहासिक रूप से सऊदी अरब भूमिगत पानी और कुओं पर निर्भर रहा है, लेकिन तेजी से खत्म हो रहे भूजल भंडारों ने सरकार को एक क्रांतिकारी तकनीक अपनाने पर मजबूर किया। आज सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा डिसेलिनेशन यानि खारे पानी को मीठा बनाने की तकनीकी उत्पादक देश बन चुका है। 

दरअसल, देश अपनी कुल पीने योग्य पानी की जरूरत का 50 प्रतिशत हिस्सा डिसेलिनेशन प्लांट्स के जरिए पूरा करता है। और यही वजह है कि सऊदी अरब की पानी की कहानी सिर्फ पानी की कहानी नहीं है...रेगिस्तान के सीने पर पानी की इस अनोखी और संघर्षपूर्ण कहानी ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और इच्छाशक्ति हो, तो प्रकृति की सबसे बड़ी बाधाओं को भी पार किया जा सकता है। 

तो अगली बार जब आप नल खोलें और पानी आए, तो समझिएगा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है! एक पल के लिए सऊदी अरब को जरूर याद कीजिए। क्योंकि वहां की कहानी हमें बताती है कि पानी सिर्फ नदी और बारिश से ही नहीं मिलता...कभी-कभी इंसान को समुद्र से पानी निकालने की तकनीक भी विकसित करनी पड़ती है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.