सांवलिया सेठ मंदिर में भक्त ने चढ़ाया 'चांदी का दिल'
राजस्थान की धरती आस्था, भक्ति और चमत्कारों की कहानियों से हमेशा समृद्ध रही है। यहां के मंदिरों में भक्त अपने आराध्य को सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात, छप्पन भोग और अनमोल वस्तुएं अर्पित करते हैं। लेकिन इस बार राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में ऐसा अनोखा चढ़ावा देखने को मिला, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया।
मंदिर के इतिहास में पहली बार एक भक्त परिवार ने ठाकुर जी के चरणों में “चांदी का दिल” अर्पित किया। यह सिर्फ एक भेंट नहीं थी, बल्कि विश्वास, प्रेम और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक बन गई। देखते ही देखते यह अनोखी भक्ति सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और लोग इस भावुक कहानी को बड़े प्रेम से साझा करने लगे।
मन्नत और जिंदगी की जंग की कहानी
यह अनोखी श्रद्धा सांवलियाजी निवासी तिवारी परिवार की है। परिवार ने करीब 197 ग्राम का चांदी का दिल और एक चांदी का नलकूप भगवान को भेंट किया। लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी बेहद भावुक और प्रेरणादायक है।
करीब दो साल पहले वाटिका संचालक बालमुकुंद तिवारी को अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिवार के लिए वह पल किसी बड़े संकट से कम नहीं था। उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी। पहले उन्हें उदयपुर ले जाया गया, लेकिन स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत गुजरात के अहमदाबाद रेफर कर दिया।
अहमदाबाद पहुंचने पर डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी हार्ट की बाईपास सर्जरी करनी पड़ेगी। यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। ऑपरेशन थिएटर के बाहर खड़े परिजन लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। जिंदगी और मौत की उस घड़ी में परिवार की उम्मीद सिर्फ एक ही सहारा थी अपने आराध्य सांवलिया सेठ।
जब आस्था बनी उम्मीद
ऑपरेशन थिएटर के बाहर तिवारी परिवार ने आंखें बंद कर सच्चे मन से सांवलिया सेठ को याद किया। उन्होंने मन्नत मांगी कि यदि बालमुकुंद तिवारी का ऑपरेशन सफल हो गया और वे स्वस्थ होकर घर लौट आए, तो वे भगवान को चांदी का हार्ट अर्पित करेंगे।
कहते हैं कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। सांवलिया सेठ की कृपा से ऑपरेशन सफल रहा और धीरे-धीरे बालमुकुंद तिवारी पूरी तरह स्वस्थ हो गए। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
समय बीतने के बाद अब जब बालमुकुंद तिवारी स्वस्थ जीवन जी रहे हैं, तब परिवार ने अपनी मन्नत पूरी करते हुए मंदिर पहुंचकर चांदी का दिल और चांदी का नलकूप भेंट किया।

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